एक नरभक्षी कलाकार जिसने बनाया था, नवाब असफ उद दौला का चित्र

लखनऊ

 30-05-2020 09:25 AM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

अगर लखनऊ की बात करें तो इसके विषय में कहा जाता है कि यह तहजीब, कला और संगीत की राजधानी है। यहाँ पर अनेकों स्थानों से बड़ी संख्या में लोग इसकी खूबसूरती देखने आते रहे हैं । यह ऐतिहासिक रूप से अवध क्षेत्र की राजधानी थी तथा वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश की राजधानी है। आज भी लखनऊ में यहाँ के नवाबों द्वारा बनवायीं गयीं इमारतें, मस्जिदें, महल आदि इसके स्वर्णिम काल की गाथा सुनाते हैं। अवध में कई अलग अलग विदेशी चित्रकार आये जिन्होंने यहाँ पर कई चित्र बनाए उन्ही में से एक जर्मन (German) चित्रकार था जो कि अवध क्षेत्र में ईस्ट इंडिया कंपनी (East india company) के शुरूआती विस्तार के दिनों में आया था। इस कलाकार का नाम था जोहान ज़ोफनी (Johan Zoffany), जोहान ने लखनऊ और कलकत्ता से सम्बंधित अनेकों चित्र बनाए जो आज यादगार हैं।

जोहान का पूरा नाम जोहान जोसेफ ज़ाफनी (Johan joseph Zoffany) था जिसका जन्म 13 मार्च (March) सन 1733 को हुआ था। जोहान का सम्पूर्ण कार्य इटली (Italy), इंग्लैंड (England) और भारत (India) पर आधारित है जिसमें इन्होने राजशाही जैसे अंदाज में चित्रों को बनाया है। लखनऊ पर आधारित मुर्गों की लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण चित्र जोहान ने ही बनाया था। जोहान 1783 से लेकर 1789 तक भारत में रहें जहाँ उन्होंने बंगाल के गवर्नर (Governer) वारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings) से लेकर अवध के नवाब असफ उद दौला सहित अन्य कई लोगों का चित्र बनाया था। उन्होंने भारत में शुरूआती उपनिवेशवाद पर जीवंत चित्रों की श्रंखला तैयार की थी जो कि उस समय के तत्कालीन समाज के आईने के रूप में दिखाई दिया था। मुर्गों की लड़ाई का चित्र उन्होंने 1784 से 86 के मध्य में बनाया था। इसके अलावां उन्होंने कलकत्ता पर आधारित लास्ट सपर (Last Supper) नामक रचना 1787 में की थी।

जोहान ने एक भारतीय महिला उप्पा पटनी से कई बच्चों को जन्म दिया था। भारत से लौटते हुए उनके साथ एक घटना घटी जिसके विषय में अंग्रेजी इतिहासकार विलियम डालरिम्पल उन्हें नरभक्षी की संज्ञा दे दिए थे। घटना कुछ यूँ थी कि वे जब भारत से इंग्लैंड के लिए चले तब उनका जहाज अंडमान द्वीप समूह के पास पानी में ही ध्वस्त हो गया जिसके कारण वे लोग द्वीप पर ही भूखे होकर व्याकुल हो गए और अंत में उन लोगों ने एक लाटरी का आयोजन किया और जो व्यक्ति वह लाटरी हारा उसे उन लोगों ने खा लिया था, हारने वाला व्यक्ति एक नाविक था। इस प्रकार से जब हम देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनका जीवन कई प्रकार के रोमांचों और कठनाइयों से भरा हुआ था।

जोहान के कला के विषय में बात करें तो वह मुख्य रूप से राजशाही जीवन शैली से प्रभावित थे जो कि उनकी कला में हमें दिखाई देता है। उनका एक अन्य चित्र जिसमें विलियम पामर (William Palmer) और उनकी द्वीतीय बीवी जिसका नाम (मुग़ल राजकुमारी) बीबी फैज़ बख्स है, अत्यंत ही मशहूर हैं, इस चित्र में भी जोहान ने उन्हें अपने तरीके से ही दैनिक दिनचर्या करते हुए प्रदर्शित किया है। कर्नल ब्लेयर (Colonel Blair) और उनके परिवार और एक भारतीय आया के साथ का भी चित्र दैनिक दिनचर्या से ही सम्बंधित है।

चित्र (सन्दर्भ):
1. मुख्य चित्र - अवध के नवाब असफ उद-दौला के चित्र। अवध के नवाब को ज़ोफ़नी द्वारा कई बार चित्रित किया गया था। (British Meuseum)
2. दूसरा चित्र ज़ोफनी द्वारा बनाया गया स्वचित्र है। (Wikipedia)
3. तीसरा चित्र सन 1784 में बनाया गया हसन रेजा खान का चित्र है जो अवध के असफ उद दौला के मंत्री थे।(British Meuseum)
4. सन 1810 में जोहान ज़ोफ़नी द्वारा बनाया गया कर्नल ब्लेयर उनका परिवार और एक भारतीय आया का चित्र है जो वर्तमान में द टेट गैलरी, लंदन में स्थापित हैं। (Wikipedia)
5. ज़ोफनी द्वारा चित्रित लालबाग़ किला और उफिजी के त्रिभुज का चित्र है जो रॉयल संग्रह, विंडसर में स्थापित हैं। (Wikipedia)
6. जोहान ज़ोफ़नी द्वारा सन 1785 में चित्रित पामर परिवार का एक दृश्य जिसमें उनकी मुग़ल बीवी फैज़ बख्श भी दिखाई दे रहीं हैं। (Wikipedia)
7. जोहान ज़ोफ़नी द्वारा द्वारा अवध के केंद्र में बनाये गए सबसे प्रसिद्ध चित्रों में से एक कर्नल मोर्डौंट की मुर्गा लड़ाई कलाकृति है। (Wikipedia)
सन्दर्भ:
1. https://artuk.org/discover/stories/the-quirky-side-of-johann-zoffany
2. https://bit.ly/36IZnTq
3. http://twonerdyhistorygirls.blogspot.com/2015/02/georgian-india-finding-inspiration-in.html
4. https://in.pinterest.com/pin/449093394092065935/
5. https://www.livemint.com/Leisure/meOFvlFuEz6vDCa4MXJUbN/Opinion--The-ordinary-people-of-the-Raj.html
6. https://www.pinterest.co.kr/pin/508836457896254309/
7. https://en.wikipedia.org/wiki/Johan_Zoffany
8. https://www.telegraph.co.uk/culture/art/art-features/9119353/Johan-Zoffany-The-lovable-artist-who-ate-a-sailor.html



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