क्या नैतिक विकल्प सार्वभौमिक हैं?

लखनऊ

 09-08-2020 06:43 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

युगों पुरानी उपयोगितावादी (अधिक के लिए अच्छा और कुछ के लिए पीड़ा) सोच, जिसमें कम संख्या के जीवन का बलिदान करके अधिक लोगों के जीवन को बचाने का प्रयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और चालक रहित कारों के आगमन के साथ अधिक महत्व में नहीं रहेगा। यदि एक चालक रहित कार का सामना एक आसन्न दुर्घटना से होता है, तो उसे क्या करना चाहिए? क्या एक चालक रहित कार को एक छोटे बच्चे (जो सड़क पर भागता हुआ आ जाता है) को बचाने के लिए गाड़ी को दूसरे पथ पर ले जाना चाहिए? क्या उसे सड़क पर दौड़ रहे हिरण को बचाने के लिए गाड़ी को पूर्ण-त्वरित रूप से रोकना चाहिए, यह जानते हुए भी कि उसके पीछे एक तेज कार भी चल रही है? क्या ये निर्णय बदले जाएंगे यदि चालक रहित कार एक कैदियों से भरी बस हो, जो सजायाफ्ता हत्यारों को ले जा रही हो, या एक एम्बुलेंस हो जो एक जुड़वाँ बच्चों को जन्म देने वाली गर्भवती महिला को अस्पताल ले जा रही हो? अगर इन परिदृश्यों में कोई मारा या घायल होता है, तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?
विश्व की कुछ सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियां, जिनमें गूगल(Google) के जनक; अल्फाबेट(Alphabet), उबेर(Uber), टेस्ला(Tesla) और अन्य कार निर्माताओं द्वारा एक स्वचलित कार प्रोग्राम को पेश किया गया है। इनमें से कई कंपनियों का तर्क है कि ये वाहन सड़क सुरक्षा में सुधार कर सकते हैं, यातायात को आसान बना सकते हैं और ईंधन दक्षता में सुधार कर सकते हैं। सामाजिक वैज्ञानिकों का कहना है कि कारें नैतिक मुद्दों को उठाती हैं जिसके सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण के लिए अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं। 2016 में, स्व-चलित कारों को एक नैतिक विरोधाभास का सामना करना पड़ा था। कई सर्वेक्षण किये गए जिनमें लोगों ने कहा कि वे पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक स्व-चलित वाहन चाहते थे। किन्तु यदि इसका मतलब अपने यात्रियों की बलि देना हो, तो वे इस प्रकार की प्रतिक्रिया करने वाले स्व-चलित वाहन को खरीदना भी नहीं चाहते। यह देखने के लिए कि क्या यह संभव है कि स्वचलित वाहन अन्य नैतिक संघनन को उत्पन्न कर सकते हैं, एक नैतिक यंत्र बनाने के लिए मनोवैज्ञानिकों, मानवविज्ञानी और अर्थशास्त्रियों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम एकत्र हुई। 18 महीनों के भीतर, ऑनलाइन (Online) प्रश्नोत्तरी में 233 देशों और क्षेत्रों के लोगों द्वारा किए गए 40 मिलियन निर्णय दर्ज किए गए। अधिकांश लोगों ने पालतू जानवरों की तुलना में मनुष्यों को बचाने के विकल्प को चुना और एक व्यक्ति की तुलना में समूह को बचाने का विकल्प चुना। ये प्रतिक्रियाएं स्व-चालित कारों पर एकमात्र सरकारी मार्गदर्शन में प्रस्तावित नियमों के अनुरूप हैं। लेकिन इस विकल्प से सहमति वहीं खत्म हो गई, जब शोधकर्ताओं ने 130 देशों में कम से कम 100 उत्तरदाताओं के लोगों के उत्तरों का विश्लेषण किया, तो उन्होंने पाया कि राष्ट्रों को तीन समूहों में विभाजित किया जा सकता है। एक में उत्तरी अमेरिका और कई यूरोपीय राष्ट्र को शामिल किया गया, जहां ईसाई धर्म ऐतिहासिक रूप से प्रमुख धर्म रहा है; दूसरे में जापान, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों को शामिल किया गया, जिनमें मजबूत कन्फ्यूशियस(Confucius) या इस्लामिक परंपराएं हैं। एक तीसरे समूह में मध्य और दक्षिण अमेरिका, फ्रांस और पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेश को शामिल किया गया।
शोधकर्ताओं ने एक देश में सामाजिक और आर्थिक कारकों और इसके निवासियों की औसत राय के बीच सहसंबंधों की पहचान की। उदाहरण के लिए, पहले समूह ने दूसरे समूह की तुलना में बड़े लोगों के बदले छोटे बच्चों को बचाने पर दृढ़ प्राथमिकता दी। टीम ने पाया कि नाइजीरिया या पाकिस्तान जैसे कमजोर संस्थानों की तुलना में फिनलैंड और जापान जैसे मजबूत सरकारी संस्थानों वाले लोगों ने अधिक बार ऐसे लोगों को टक्कर मारने के लिए चुना, जो अवैध रूप से सड़क पार कर रहे थे। परिदृश्यों ने सर्वेक्षण प्रतिभागियों को यह चुनने के लिए विकल्प दिया कि वे सड़क में कार्यकारी व्यक्ति और बेघर में से किसे बचाएंगे? लोगों द्वारा चुने गए विकल्प बहुधा अपनी संस्कृति में आर्थिक असमानता के स्तर के साथ सहसम्बद्ध थे। फ़िनलैंड के लोग, जहां अमीरों और ग़रीबों के बीच अपेक्षाकृत कम अंतर देखते हैं, द्वारा विकल्प चुनने में ज्यादा सोच विचार नहीं किया गया। लेकिन महत्वपूर्ण आर्थिक विषमता वाले देश कोलंबिया के औसत प्रतिवादी ने संपन्न व्यक्तियों की तुलना में निचले दर्जे के व्यक्तियों के विकल्प को चुना। वहीं विभिन्न निर्णयों से निपटने के लिए अनुभवी मानव चालकों को वर्षों से तैयार किया जा रहा है और हम फिर भी कहीं न कहीं गलत निर्णय ले लेते हैं। इसको देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि स्वचलित वाहन बेहतर निर्णय लेंगी। हालांकि अभी स्वचलित वाहन सार्वजनिक रूप से बिक्री के लिए पेश नहीं हुए हैं, अभी वे कई अमेरिकी शहरों में परीक्षण संस्करण से गुजर रहे हैं। लेकिन 2021 तक, कम से कम पांच निर्माताओं द्वारा व्यापक उपयोग में स्वचलित कारों और ट्रकों के सार्वजनिक रूप से पेश किए जाने की उम्मीद है।

संदर्भ :-
https://www.nature.com/articles/d41586-018-07135-0
https://in.pcmag.com/cars/96476/the-dilemma-of-teaching-ethics-to-self-driving-ca

चित्र सन्दर्भ:

पहले चित्र में उपयोगितावाद का एक मानक चित्रण है। (youtube)
दूसरे चित्र में एक चालक रहित कार द्वारा नैतिकता सिखाने का प्रयास है। (youtube)
तीसरा चित्र एआई(AI) को संदर्भित कर रहा है। (youtube)


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