कहानी 100 साल पुरानी फूल मंडी की

लखनऊ

 13-08-2020 07:25 PM
बागवानी के पौधे (बागान)

लखनऊ की 100 साल पुरानी फूल मंडी और वहाँ की फूलों वाली गली, अपने फूलों की विविधता के लिए दूर-दूर तक मशहूर है। यहां का व्यापार किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकता है। बहुत से लोगों के व्यवसाय इस मंडी पर आधारित है। इस मंडी का कार्य और व्यापार बहुत व्यवस्थित तरीके से चलता है। इस मंडी को यहां से हटाकर कहीं और स्थापित करने के बहुत बार प्रयास हुए लेकिन इस बात का हमेशा कड़ा विरोध ही हुआ। भारत में फूलों की खेती का पुराना इतिहास रहा है। वर्तमान समय में समारोहों के आयोजन पर लगे प्रतिबंध के कारण फूलों की मांग पर बहुत असर पड़ा है। देखना यह है कि इस मामले में प्रशासन का रुख क्या रहता है, क्या उपाय सोचा जाता है, फूलों की फसल के उपयोग के विषय में?


फूल वाली गली

नवाबों के समय में चौक का इलाका अपनी रंगीनियों के लिए बदनाम था। आसपास तवायफें रहती थी ,वहीं फूलों की दुकानें भी थी। आज उन तंग गलियों में चिकनकारी की दुकानें हैं, फूलों की दुकानें भी हैं, जिनमें गेंदे और गुलाब के फूल मिलते हैं।

कंचन मार्केट: फूलों का नया बाजार

यह काफी रौनक वाला व्यस्त बाजार है, जिसमें हर तरह के फूल मिलते हैं। यह नींबू पार्क के पास है। यहां के फूल वाले शादियों, मंदिरों, होटल लॉबी में सजावट का काम करते हैं। यहां सारी चीजें बहुत कम कीमतों पर मिल जाती हैं।

क्या फिर बदलेगा फूल मंडी का पता?

चौकी फूल वाली गली से चलकर कंचन मार्केट पहुंची, फूल मंडी पर एक बार फिर किसान मंडी, गोमती नगर पहुंचने के बादल मंडरा रहे हैं। हालाँकि फूल वालों की यूनियन ने इसका पुरजोर विरोध किया है। ज्यादातर फूल सप्लाई करने वाले किसान- दुबग्गा, काकोरी, अमेठी और हरदोई से आते हैं। उनके लिए चौक पहुंचना आसान है। गोमती नगर शहर का एकदम दूसरा छोर है।


फूलों की फसल के संकट

कोरोना वायरस महामारी के चलते कर्फ्यू और लॉकडाउन के इस दौर में बड़े-बड़े आयोजन रद्द हो गए हैं। मंदिर और गुरुद्वारों में भी फूलों की मांग नहीं के बराबर है। ऐसी स्थिति में देश के हर क्षेत्र के किसान खेतों में तैयार खड़ी फूलों की फसल को नष्ट करने की सोच रहे हैं, बहुत जगह तो यह कदम उठाकर नई फसल बोई भी जा रही है। पंजाब के तरनतारन इलाके में 10-12 सालों से किसान गेंदा और गुलाब की फसल उगा रहे थे। कर्फ्यू के चलते लोगों ने शादी ब्याह के आयोजन भी आगे बढ़ा दिए हैं । अब किसानों ने अपनी फूलों की फसल नष्ट कर दी है। लाखों के नुकसान के साथ-साथ रही सही बचत नई फसल बोने में खर्च हो रही है। पंजाब की तरह ही हाल राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों का भी है। फूलों की फसलें अक्टूबर से दिसंबर के मध्य लगाई जाती हैं और अगले वर्ष फरवरी से जून तक इसकी बिक्री होती है। फूलों की फसलें नष्ट होने से तमाम किसान परिवार रोजी-रोटी के भयंकर चक्र में फंसकर बेहाल हो गए हैं। कुछ किसान दूसरों की जमीन पर अपनी फसल उगाते हैं। इसलिए जमीन के लिए अगर प्रशासन से कुछ राहत मिलेगी तो वह जमीन के मालिक को मिलेगी, फूलों की फसल उगाने वाले किसान को नहीं। लोगों को इंतजार है लॉकडाउन समाप्त होने का और बंद हुए उत्सव समारोह के शुरू होने का। लेकिन इस पर भी उनके मन में शंका है कि फूलों की मांग पहले जैसी होगी या नहीं।

सन्दर्भ:
https://www.hindustantimes.com/cities/floriculture-crisis-no-demand-growers-forced-to-destroy-flowers-in-their-fields/story-ghTsTrgr3WaLM6TmaljpKP.html
https://caravanmagazine.in/agriculture/flowers-farmers-industry-coronavirus-lockdown-demand-supply-government-support
https://bit.ly/2uD7KkV
https://nowlucknow.com/lucknows-flower-market-kanchan-market/
https://mediawolves.in/the-fragrance-of-awadh-comes-from-the-kanchan-flower-market/

चित्र सन्दर्भ:

मुख्य चित्र में लखनऊ स्थित फूल मंडी का चित्रण है। (Youtube)
दूसरे चित्र में फूल वाली गली में एक वृद्ध फूल वाली को दिखाया गया है। (Flickr)
तीसरे चित्र में कंचन बाजार में एक फूल व्यापारी को दिखाया गया है। (Wikimedia)
अंतिम चित्र में गोमती नगर में एक फूल विक्रेता की दुकान को दिखाया गया है। (Wikiwand)



RECENT POST

  • मौलिद ईद उल मिलाद अर्थात पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन की दोहरी विचारधारा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-10-2021 11:43 AM


  • दुनिया के सबसे बदसूरत जानवर के रूप में चुना गया है, ब्लॉबफ़िश
    शारीरिक

     17-10-2021 11:58 AM


  • क्या राजस्थान के रामगढ़ में मौजूद गड्ढा उल्कापिंड प्रहार का प्रभाव है
    खनिज

     16-10-2021 05:35 PM


  • उत्तरप्रदेश के लोकप्रिय व्यंजन ताहिरी की साधारणता में ही इसकी विशेषता निहित है
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2021 05:22 PM


  • आजकल हो रहे हैं दशानन की छवियों के रचनात्मक प्रयोग
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-10-2021 05:58 PM


  • कई बार जानवर या पौधे की एकमात्र प्रजाति ही पाई जाती है पूरे भारत में
    निवास स्थान

     13-10-2021 05:57 PM


  • वृक्षों में इच्छाशक्ति‚ संवेदनशीलता व बुद्धिमत्ता का व्यवहार
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     12-10-2021 05:43 PM


  • हमें बढ़ते शहरीकरण नहीं, बेहतर शहरीकरण चाहिए
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-10-2021 02:15 PM


  • पृथ्वी पर सबसे महत्वाकांक्षी निर्माण परियोजना में से एक है,डायनेमिक टॉवर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     10-10-2021 01:54 AM


  • भारत में वित्तीय समावेशन की परिभाषा और आवश्यकता
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-10-2021 05:39 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id