घडियालों को संरक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लखनऊ का कुकरैल आरक्षित वन

लखनऊ

 01-11-2020 10:20 AM
निवास स्थान
घड़ियाल का नाम पॉट (Pot) के लिए भारतीय शब्द ‘घडा’ से व्युत्पन्न हुआ है, क्योंकि उनके थूथन के अंत में एक बल्बनुमा उभार (Narial excrescence) होता है। घड़ियाल के लिए घडा शब्द का भी प्रयोग किया जाता है, जो कि प्रत्यक्षतः लैंगिक दृष्टि से डाइमॉर्फिक (Dimorphic) मगरमच्छ हैं। इसकी प्रजातियां काफी हद मछलियां खाने वाली होती हैं। मजबूत पतली थूथन और समान तेज दांतों की पंक्तियाँ, अपेक्षाकृत लंबी और मजबूत पेशी युक्त गर्दन द्वारा समर्थित होती हैं, जो इसे सबसे कुशल मछली पकड़ने वाला जीव बनाती हैं। बांध, बैराज और पानी का बहाव नदी के उपयुक्त आवासों को सीमांत या अनुपयुक्त झीलों में बदलकर, और बहाव वाले क्षेत्रों के लिए उपलब्ध पानी की मात्रा और गुणवत्ता में परिवर्तन करके घड़ियाल को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। घड़ियाल, अपने लंबे, दांतेदार रॉस्ट्रम (Rostrum) के साथ मछली पकड़ने के जाल में आसानी से फंस या उलझ जाता है, जहाँ यह अक्सर पानी के भीतर फँसकर और डूबकर मर जाता है। जाल को सुलझाने के लिए या फिर जाल को नुकसान पहुंचाने के प्रतिशोध में आम तौर पर जाल में उलझे हुए घड़ियाल को या तो मार दिया जाता है या फिर उनके रॉस्ट्रम को काट दिया जाता है। रिवरबेड (Riverbed) या वह प्रणालियां जिनमें नदियां बहती हैं, का निर्माण, घड़ियाल को उनके निवास स्थान के स्थलीय घटक से अलग करके उनके जीवन को खतरे में डाल रहा है, जिसकी वजह से वे उन क्षेत्रों को त्याग रहे हैं या प्रवास कर रहे हैं। नदियों के किनारों पर मौजूद रेत खनन से घड़ियाल का व्यवहार बाधित होता है और यहां तक कि स्थानीय आबादी को इस क्षेत्र को निर्जन करने के लिए मजबूर कर सकता है। सतत खनन गतिविधि, घडियाल के घोंसले और धूप सेंकने वाले क्षेत्रों को नष्ट कर सकता है तथा घोंसला निर्माण करने के मौसम के दौरान और अंडों की प्रत्यक्ष मृत्यु दर का कारण भी बन सकता है। भोजन निर्वाह के लिए कुछ घड़ियाल स्थानों पर रहने वाले निवासियों द्वारा इनके अंडों का उपयोग अंडे की मृत्यु दर को बढ़ाता है, नये घडियालों की उपस्थिति को कम करता है, और घोंसले के प्राकृतिक शिकारियों द्वारा अतिरिक्त शिकार को बढावा देता है। इन लुप्तप्राय जानवरों के संरक्षण में लखनऊ का कुकरैल आरक्षित वन भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है।

संदर्भ:
https://www।wwfindia।org/about_wwf/priority_species/threatened_species/gharial/
https://www।youtube।com/watch?v=-u_u7LI43aM
https://www।youtube।com/watch?v=kdFRFFP6Qbk


RECENT POST

  • समस्त पक्षियों में सबसे विवेकी पक्षी होता है हम्सा
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     05-12-2020 07:24 AM


  • उपयोगी होने के साथ-साथ हानिकारक भी हैं, शैवाल
    शारीरिक

     04-12-2020 11:46 AM


  • कुपोषण एवं विकलांगता के मध्‍य संबंध
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     03-12-2020 01:59 PM


  • क्या भूकंप का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है?
    पर्वत, चोटी व पठार

     02-12-2020 10:18 AM


  • मानव सभ्यता के विकास का महत्वपूर्ण काल है, नवपाषाण युग
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     01-12-2020 10:22 AM


  • खट्टे-मीठे विशिष्ट स्वाद के कारण पूरे विश्व भर में लोकप्रिय है, संतरा
    साग-सब्जियाँ

     30-11-2020 09:24 AM


  • सोने-कांच की तस्वीरों में आज भी जीवित है, कुछ रोमन लोगों के चेहरे
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     29-11-2020 07:21 PM


  • कोरोना महामारी बनाम घरेलू किचन गार्डन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     28-11-2020 09:06 AM


  • लखनऊ की परिष्कृत और उत्कृष्ट संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इत्र निर्माण की कला
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     27-11-2020 08:39 AM


  • भारतीय कला पर हेलेनिस्टिक (Hellenistic) कला का प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     26-11-2020 09:20 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.