मानवता और शांति का संदेश देता है वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड

लखनऊ

 09-11-2020 08:55 AM
संचार एवं संचार यन्त्र

इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग, और कमांड नेटवर्क (ISRO Telemetry, Tracking and Command Networ-ISTRAC) को इसरो के सभी उपग्रह और प्रक्षेपण वाहन मिशनों के लिए ट्रैकिंग समर्थन प्रदान करने की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका एक ग्राउंड स्टेशन (Ground station) लखनऊ में भी है, जो भारतीय गहन अंतरिक्ष नेटवर्क का हिस्सा है और सभी निम्न पृथ्वी उपग्रहों के समन्वित तथा आदेशित करने में मदद करता है। लेकिन ऐसे भी उपग्रह मौजूद हैं जो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बहुत आगे निकल जाते हैं और आगे भी सूरज के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से निकलकर अंतर-तारकीय अंतरिक्ष (Interstellar space) में तल्लीन हो जाते हैं। वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड (Voyager Golden Records) दो ऐसे फोनोग्राफ रिकॉर्ड (Phonograph records) हैं, जिन्हें 1977 में लॉन्च (launched) किए गए दोनों वॉयजर अंतरिक्षयानों पर रखा गया था। इस वॉयजर अंतरिक्ष यान का निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किया गया था। रिकॉर्ड में पृथ्वी पर जीवन और संस्कृति की विविधता को दर्शाने के लिए चुनी लोकप्रिय ध्वनियाँ और प्रसिद्ध चित्र हैं, जिन्हें उस बुद्धिमान अलौकिक जीवन रूप को भेजा गया है, जिसे ये रिकॉर्ड प्राप्त होंगे।
वॉयजर -1 प्रोब (Probe) वर्तमान में पृथ्वी से सबसे दूर मानव निर्मित वस्तु है। वॉयजर -1 और वॉयजर - 2 दोनों अंतर-तारकीय अंतरिक्ष में हैं, यह सितारों के बीच का वह क्षेत्र है जहां गैलेक्टिक प्लाज्मा (Galactic plasma) मौजूद है। वॉयजर -1 और वॉयजर - 2 दोनों को नासा द्वारा एक संदेश वाहन के रूप में लॉन्च किया गया था - जोकि एक प्रकार का समय कैप्सूल (Time capsule) था। इसका उद्देश्य पृथ्वी पर मनुष्यों की दुनिया की कहानी को आलौकिक जीवन में विस्तार देना है। अगर धरती के अलावा दूसरी दुनिया में कोई प्राणी मौजूद है तो वे इन्हें अवश्य सुन सकेंगे तथा धरती से जुड़ी कुछ चीजों और संदेशों को जान पाएंगे। वॉयजर -1 को 1977 में लॉन्च किया गया था, जो 1990 में प्लूटो (Pluto) की कक्षा से होकर गुजरा और नवंबर 2004 में सौर प्रणाली से बाहर निकल गया। यह अब कुइपर बेल्ट (Kuiper belt) में है। लगभग 40,000 वर्षों में, वॉयजर - 1 और वॉयजर - 2 प्रत्येक दो अलग-अलग सितारों के 1.8 प्रकाश-वर्ष के भीतर आयेंगे। वॉयजर-1 नक्षत्र कैमलोपार्डालिस (Camelopardalis) में स्थित स्टार ग्लीस (Star Gliese) 445 से संपर्क किया होगा, और वॉयजर-2 ने एंड्रोमेडा (Andromeda) के नक्षत्र में स्थित स्टार रॉस (Star Ross) 248, से संपर्क किया होगा। मार्च 2012 में, वॉयजर -1 सूर्य से 17.9 बिलियन (1790 करोड़) किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर था और प्रति वर्ष लगभग 61,000 किलोमीटर / घंटा (38,000 मील प्रति घंटे) की गति से यात्रा कर रहा था, जबकि वॉयजर - 2, 14.7 बिलियन (1470 करोड़) किलोमीटर दूर था और लगभग 56,000 किलोमीटर / घंटा या 35,000 मील प्रति घंटे की गति से यात्रा कर रहा था। मई 2005 में, यह जानकारी प्राप्त हुई कि, वॉयजर - 1 ने टर्मिनेशन शॉक (Termination shock) से परे हेलियोशेथ (Heliosheath) में प्रवेश किया था। टर्मिनेशन शॉक वह जगह है जहां सौर हवा, यानि सूर्य से लगातार बाहर की ओर बहने वाली विद्युत आवेशित गैस की एक पतली धारा, बहती है और तारों के बीच गैस के दबाव से धीमी हो जाती है। वॉयजर-1 पर रखे गए ग्यारह उपकरणों में से पांच अभी भी चालू हैं और आज भी सूचनाओं का प्रेषण करते हैं।
12 सितंबर 2013 को, नासा ने घोषणा की कि वॉयजर-1 ने हेलियोशेथ को छोड़ दिया और अंतर-तारकीय अंतरिक्ष में प्रवेश किया, हालांकि यह अभी भी सूर्य के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव क्षेत्र के भीतर है। वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड में 116 छवियां के साथ एक कैलिब्रेशन (Calibration) छवि और विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक ध्वनियां जैसे कि समुद्र के तेज उछाल की आवाज, हवा, बादलों की गरज, ज्वालामुखी, बारिश, आग की आवाज, जानवरों की आवाज़ जिसमें पक्षियों, व्हेल (Whales) और डॉल्फ़िन (Dolphins) के गीत शामिल हैं। यह पूरे रिकॉर्ड का सबसे खूबसूरत हिस्सा है। इसके बाद की आवाजें मानव सभ्यता को चिन्हित करती है, जिसमें दिल की धड़कन, हँसी, चलने इत्यादि की आवाजें हैं। दोनों अंतरिक्ष यानों में रखे गए रिकॉर्ड, में इसके अतिरिक्त विभिन्न संस्कृतियों और युगों का चयनित संगीत, 55 भाषाओं में बोली जाने वाली शुभकामनाएं भी हैं। इसमें भारतीय मूल के विभिन्न संदेश जैसे पंजाबी, बंगाली, उर्दू, हिंदी, गुजराती, मराठी, तेलुगु भाषा के संदेश में भी मौजूद है। उदाहरण के लिए, हिन्दी में ओमर अलजल की आवाज में “धरती के वासियों की ओर से नमस्कार” ; पंजाबी में जतीन्द्र एन. पॉल की आवाज में “आओ जी, जी आया नु” ; उर्दू में सलमा अलज़ल की आवाज में “अस्सलामु अलैकुम. हम ज़मीन के रहने वालों की तरफ से आप को खुश आमदीद कहते हैं” आदि। इसके अलावा चित्रों में ताजमहल के चित्र को शामिल किया गया है। प्रसिद्ध संगीत राग भैरवी - 'जात कहाँ हो', को भी सुनहरे रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। यह पृथ्वी पर जीवन और संस्कृति सभी को समझाने का एक अनोखा प्रयास है। यह रिकॉर्ड विशाल और विस्मयकारी ब्रह्मांड में मानव की आशा और उसके दृढ़ संकल्प तथा सद्भावना और शांति का प्रतिनिधित्व करता है।

संदर्भ :-
https://en.wikipedia.org/wiki/Voyager_Golden_Record
https://en.wikipedia.org/wiki/Contents_of_the_Voyager_Golden_Record
https://www.theverge.com/2017/10/1/16380804/nasa-golden-record-voyager-probes-aliens-planet-earth-kickstarter
चित्र सन्दर्भ:
पहली छवि मल्लाह गोल्डन रिकॉर्ड दिखाती है।(wikipedia)
दूसरी छवि मल्लाह पर सुनहरा रिकॉर्ड स्थान (मध्य-नीचे-बाएँ) दिखाती है।(wikipedia)
तीसरी छवि लखनऊ में इसरो ग्राउंड स्टेशन को दिखाती है।(ISRO)


RECENT POST

  • भारत में जैविक कृषि आंदोलन व सिद्धांत का विकास, ब्रिटिश कृषि वैज्ञानिक अल्बर्ट हॉवर्ड द्वारा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:03 AM


  • लखनऊ की वृद्धि के साथ हम निवासियों को नहीं भूलना है सकारात्मक पर्यावरणीय व्यवहार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:47 AM


  • एक समय जब रेल सफर का मतलब था मिट्टी की सुगंध से भरी कुल्हड़ की स्वादिष्ट चाय
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:47 AM


  • उत्तर प्रदेश में बौद्ध तीर्थ स्थल और उनका महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:52 AM


  • देववाणी संस्कृत को आज भारत में एक से भी कम प्रतिशत आबादी बोल व् समझ सकती है
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:08 AM


  • बाढ़ नियंत्रण में कितने महत्वपूर्ण हैं, बीवर
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:36 PM


  • प्रारंभिक पारिस्थिति चेतावनी प्रणाली में नाजुक तितलियों का महत्व, लखनऊ में खुला बटरफ्लाई पार्क
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:09 AM


  • लखनऊ सहित विश्व में सबसे पुराने और शानदार स्विमिंग पूलों या स्नानागारों का इतिहास
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:41 AM


  • भारत में बढ़ती गर्मी की लहरें बन रही है विशेष वैश्विक चिंता का कारण
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:10 PM


  • लखनऊ में रहने वाले, भाड़े के फ़्रांसीसी सैनिक क्लाउड मार्टिन का दिलचस्प इतिहास
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:11 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id