क्या कोरोनावायरस मनुष्य में फैलने वाला आखिरी विषाणु होगा?

लखनऊ

 10-12-2020 09:13 AM
स्तनधारी

विज्ञान लेखक डेविड क्वामेन (David Quammen) कहते हैं, “जब किसी विषाणु का मेजबान पशु होता है, तो उस संक्रमक विषाणु को नियंत्रित करना या रोक पाना बहुत अधिक कठिन हो जाता है।” हाल ही में विश्व भर में तबाही मचा रहे कोरोनावायरस हमारे समक्ष कब तक रहेगा या हम इसको नियंत्रित कर पाएंगे या नहीं इसका फिलहाल तो कोई जवाब नहीं है, लेकिन इतना जरूर निश्चित है कि ये विषाणु का आखिरी संक्रमण नहीं होगा। मनुष्यों द्वारा प्रचुर मात्रा में पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों का उपभोग करना आदि ही पशुओं से जानवरों में हो रहे रोगों के मुख्य कारण हैं। यदि बात की जाए चीन (China) के सजीव बाजारों की, तो वहाँ पिंजरें में जिंदा चमगादड़ रखे होते हैं, इनके ऊपर शल्यक (Porcupines) युक्त पिंजरा रखा जाता है और उनके ऊपर पाल्म सिवेट (Palm Civet - सिवेट एक प्रकार का स्तनपायी जीव है, जो नेवले के परिवार से संबंधित है।) युक्त पिंजरा ऐसे ही अन्य पशुओं को पिंजरों में डालकर एक-दूसरे के ऊपर रखा जाता है। यदि स्वच्छता की बात की जाए तो वह न मात्र है। यहाँ जानवर एक दूसरे पर शौच करते हैं, जो विषाणु के फैलने की एक प्राकृतिक स्थिति है।
भारत में नेवलों की कई प्रजातियाँ पाई जाती है, जिनमें से एक है ग्रे नेवला (Grey Mongoose) भी है। भारत में ग्रे नेवले को अक्सर चूहों और अन्य कीटों से मुक्त रखने के लिए एक पालतू जानवर के रूप में रखा जाता है। वहीं इनके बालों से पेंट ब्रश (Paint Brush) और शेविंग ब्रश (Shaving Brush) बनाने के उद्देश्यों के लिए इनका अवैध व्यापार जारी है, और जिस वजह से इनकी प्रजाति खतरे में है और भारत में इन्हें संरक्षण की सूची में रखा गया है। 155 किलो के बालों का उत्पादन करने के लिए लगभग 3000 नेवलों को मारा गया था, जिन्हें 2018 में उत्तर प्रदेश वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB - Wildlife Crime Control Bureau) द्वारा जब्त कर लिया गया था। जंगली जानवरों को मारने या पालने से ही घातक विषाणु जानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं, इसलिए जितना संभव हो इन्हें अपने वास्तव पर्यावरण में रहने दिया जाए। नेवला आमतौर पर खुले जंगलों, झाड़ियों और खेतों में पाया जाता है, जो अक्सर मानव के निवास स्थानों के करीब होता है। शिकारियों से बचने के लिए यह प्रायः चट्टानों, झाड़ियों और यहां तक कि नालियों के निचले भाग का भी आश्रय लेता है। कृन्तकों, सांपों, पक्षियों के अंडों और उनके नवजात बच्चों, छिपकलियों और विभिन्न प्रकार के अकशेरुकियों के लिए यह एक खतरनाक शिकारी है। नेवला पूरे वर्ष भर में एक बार प्रजनन करता है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों में नेवले को आसानी से देखा जा सकता है। भारतीय ग्रे नेवला भारत के अलावा सऊदी अरब (Saudi Arabia), कुवैत (Kuwait), बहरीन (Bahrain), ईरान (Iran), अफगानिस्तान (Afghanistan), पाकिस्तान (Pakistan), नेपाल (Nepal), श्रीलंका (Sri Lanka) और बांग्लादेश (Bangladesh) में भी पाया जाता है। नेवलों का मुख्य रूप से शिकार तेंदुए के साथ साथ सांप करते हैं, लेकिन इनसे बचाव के लिए नेवले काफी भयंकर लड़ाई करते हैं।
नेवले के संदर्भ में भारत में “ब्राह्मण और नेवला” के नाम से एक लोककथा भी मौजूद है, जिसके अनुसार एक कस्बे में भगवान नाम का ब्राह्मण निवास करता था। ब्राह्मण के साथ उसकी पत्नी, उसका एक पुत्र और एक नेवला रहा करता था। ब्राह्मण की पत्नी नेवले को एक माँ की भांति प्रेम करती थी तथा उसकी देखभाल ठीक वैसे ही करती थी जैसे अपने बेटे की। ब्राह्मण की पत्नी नेवले से प्रेम तो करती थी लेकिन उसे उस पर भरोसा नहीं था क्योंकि उसका मानना था कि नेवला उसके बेटे को चोट पहुँचा सकता है। एक दिन उसने अपने बेटे को बिस्तर पर लिटाया तथा अपने पति से कहा कि- वह पानी लेने जा रही है तथा वे यह ध्यान रखे कि नेवला उसके बेटे को चोट न पहुंचाए। लेकिन जब वह चली गयी, तो ब्राह्मण ने उसकी बात को अनसुना कर दिया और वह भिक्षा लेने घर से निकल गया। उसके जाने के बाद किसी छेद से घर में एक काला साँप निकल आया तथा बच्चे के पालने की ओर रेंगने लगा। यह देखकर नेवले ने सांप को एक दुश्मन के रूप में महसूस किया तथा बच्चे के रूप में अपने भाई की रक्षा करने के लिए सांप से लड़ने लगा। दोनों के बीच हुए भीषण युद्ध के बाद अंततः नेवले ने सांप को मार गिराया तथा उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। अपनी वीरता से खुश होकर, वह अपने खून भरे मुंह के साथ दौड़ा-दौड़ा अपनी माँ से मिलने गया। वह दिखाना चाहता था कि उसने क्या किया है और कैसे अपने भाई की रक्षा की है? खून से लथपथ मुंह को देखकर बच्चे की मां डर गयी और उसने बिना कुछ सोचे पानी का बर्तन नेवले पर दे मारा जिससे नेवले की मृत्यु हो गयी। क्योंकि नेवले को देखकर उसे लगा कि उसने उसके बच्चे को खा लिया है। दौड़ते-दौड़ते भयावह अवस्था में जब वह घर पहुंची तो उसने देखा कि उसका बेटा पालने में खेल रहा है तथा बगल में एक सांप के टुकड़े पड़े हुए थे। उसी समय वह ब्राह्मण भिक्षा लिए घर आया तथा उसकी पत्नी ज़ोर-ज़ोर से रोकर उसे कोसने लगी। क्योंकि उसके लालच के कारण उसने अपने प्यारे नेवले को मार डाला था। अगर ब्राह्मण ने उसकी बात मानी होती तो ऐसा कभी न होता। पश्चिमी देशों में इसी कहानी में नेवले की जगह अन्य जानवरों जैसे कुत्ते को दर्शाया गया है। अन्य संस्करणों में बिल्ली, भालू, या शेर का प्रयोग भी किया गया है। कुछ संस्करणों में सांप को भेड़िये से बदल दिया गया है, हालांकि, कहानी का सार वही है जो इस कहानी का है।

संदर्भ :-
https://n.pr/3glMdAx
https://en.wikipedia.org/wiki/Indian_grey_mongoose
https://bit.ly/37FUbAE
https://en.wikipedia.org/wiki/The_Brahmin_and_the_Mongoose
चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र में मोंगोज़ दिखाया गया है। (Unsplash)
दूसरी तस्वीर मोंगोज़ परिवार को दिखाती है। (Pikist)
आखिरी तस्वीर में नजर आ रहा है मोंगोज। (Pixabay)


RECENT POST

  • जर्मप्लाज्म सैम्पलों (Sample) पर लॉकडाउन का प्रभाव
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:41 AM


  • पहला वाहन लेने से पहले ध्यान में रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 11:53 AM


  • भारत की जनता की नागरिकता और उससे जुडे़ विशेष नियम
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:32 PM


  • आदिवासी समूहों द्वारा आज भी स्वदेशी रूप में संजोयी गयी हैं, आभूषणों की प्राचीन कलाएं
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:47 PM


  • मदद करने से मिलती है खुशी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:14 PM


  • क्या मिक्सर ग्राइंडर से बेहतर है भारत भर में प्रचलित सिलबट्टा
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:32 PM


  • वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, लखनऊ की तारे वाली कोठी शाही वेधशाला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:56 AM


  • अग्नि और सूर्य देवता को समर्पित है, लोहड़ी का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:15 PM


  • क्या है आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से वजन बढ़ने का कारण?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:15 PM


  • अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उत्तरदायी भारतीय रिजर्व बैंक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id