चिकनकारी- लखनऊ

लखनऊ

 03-04-2017 12:00 AM
स्पर्शः रचना व कपड़े
चिकनकारी का वास्तविक अर्थ कपड़ो कि सुई से कढाई को कहा जाता है। यह कला भारत के प्राचीनतम कपड़ा सिलने कि कलाओं मे से एक है। इसका प्राचीनतम काल ३सरी शती ई. पू. माना जा सकता है। कुछ तथ्यों व वर्णित लेखो के अनुसार मेगस्थनीज के लिखे दस्तावेजों मे भारत मे होने वाले सुई के फूलदार सिलाई का विवरण मिलता है। अजंता कि भित्तिचित्रों मे भी चिकनकारी के साक्ष्य मिलते हैं। कमलादेवी चट्टोपाध्याय के अनुसार “राजा हर्ष को सफ़ेद मुस्लिन कपड़े पसंद थे जिनपर कुछ बनावटों कि कढाई कि गयी हो और धागे का रंग भी सफ़ेद ही हो"। हर्ष का समय काल ७ वीं ईसवी है। इन साक्ष्यों के अनुसार भारत मे चिकनकारी का प्रचालन बहोत पहले से था परन्तु मुग़ल काल मे इस कला का विकास अभूतपूर्व रूप से हुआ। मुग़लकालीन दस्तावेजों को आधार बनाया जाये तो यह पता चलता है कि इस कला का सर्वप्रथम नूरजहाँ ने प्रयोग किया था तथा उसी समय से इस कला का विकास एवं विस्तार हुआ। लखनऊ मे चिकनकारी के उद्योग का आधार बनाया गया तथा यहाँ चिकनकारी को एक महत्वपूर्ण दर्जा प्राप्त हुआ। यह कला यहाँ पर विस्तृत व पूर्ण रूप से रच व बस गयी। आज वर्तमान समय मे यह कला विश्व भर मे प्रसिद्ध है। चिकनकारी उद्योग आज करीब ८०००० लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा है। लखनवीं चिकन कि आज विश्व भर के बाजारों मे बहोत बड़ी मांग है। 1. एशियन एम्ब्रायडरी: जसलीन धमीजा

RECENT POST

  • भारत में सर्वाधिक पसंद किये जाने वाले उपन्यास
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-11-2019 11:44 AM


  • लखनऊ में पाया जा सकता है ब्लैक-बेलीड टर्न, पर कब तक?
    पंछीयाँ

     16-11-2019 11:26 AM


  • लखनऊ का पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजन “पसंदा कबाब”
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-11-2019 12:54 PM


  • क्या है मधुमेह टाइप 1 और टाइप 2
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     14-11-2019 12:03 PM


  • शोक मनाने के लिए बनवाया गया था कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     13-11-2019 11:34 AM


  • लखनऊ के ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारे का इतिहास
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-11-2019 12:25 PM


  • क्या पौधों में भी हो सकता है कैंसर
    कोशिका के आधार पर

     11-11-2019 12:47 PM


  • चित्रकला के इतिहास में स्पेन के कुछ मुख्य कलाकार
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     10-11-2019 03:09 AM


  • क्यों मनाया जाता है, "ईद-ए-मिलाद उन नबी" का त्यौहार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-11-2019 11:30 AM


  • किराना उद्योग में ई-कॉमर्स के बढते कदम
    संचार एवं संचार यन्त्र

     08-11-2019 11:22 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.