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विभिन्न उद्देश्य हैं पक्षियों द्वारा घोंसलें बनाने के

लखनऊ

 02-09-2021 09:20 AM
पंछीयाँ

दुनिया में पक्षियों की10,000 से भी अधिक प्रजातियां हैं। इनमें से 1349 प्रजातियां भारत में मौजूद हैं।1349 प्रजातियों में से 78 प्रजातियां स्थानिक हैं, और इसलिए इनके घोंसलों में बहुत भिन्नता देखने को मिलती है। किसी भी घोंसले का मूल उद्देश्य अंडे और शिशुओं दोनों के लिए एक कार्यात्मक और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए, उनके पालन-पोषण की सुविधा प्रदान करना है।किंतु सभी पक्षी प्रजातियां घोंसले का निर्माण नहीं करती हैं।कुछ प्रजातियां अपने अंडे सीधे जमीन या चट्टानी किनारों पर देती हैं, जबकि ब्रूड (Brood) परजीवी अन्य पक्षियों के घोंसलों में अपने अंडे देते हैं, ताकि अनजान पालक माता-पिता अंडों और उससे निकले नन्हें पक्षियों का पालन पोषण उचित तरीके से कर सकें।
हालांकि मुख्य रूप से घोंसलों का प्रजनन के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन इनका उपयोग गैर-प्रजनन मौसम में पक्षियों द्वारा बैठने या बसेरे के लिए भी किया जा सकता है। कुछ प्रजातियां विशेष शयानागार घोंसलें बनाती हैं, जिनका उपयोग केवल सोने या आराम करने के लिए किया जाता है।कुछ प्रजातियों में नर, मादाओं को आकर्षित करने के लिए घोंसले का निर्माण करते हैं। उदाहरण के लिए मार्श रेंस (Marsh wrens)। दुनिया भर में ऐसे अनेकों पक्षी हैं, जो अपना घोंसला नहीं बनाते तथा अपने अंडों को किसी अन्य के घोंसलों में डाल देते हैं।ऐसे पक्षियों के समूह को घोंसला रहित पक्षी या परजीवी पक्षी कहते हैं।
ऐसे पक्षियों के मामले में दो तरीके के परजीवी व्यवहार देखने को मिलते हैं। क्लेप्टोपेरासिटिज्म(Kleptoparasitism) और ब्रूड पेरासिटिज्म (Brood parasitism)। क्लेप्टोपैरासिटिज्म,भरण-पोषण का एक रूप है जहां एक जानवर किसी अन्य जानवर द्वारा पकड़े गए या एकत्रित किए गए भोजन को छीन लेता है या उस पर निर्भर होता है। उदाहरण के लिए गैनेट (Gannet) पक्षी, जो उत्तरी अमेरिका में पाया जाता है, उत्तरी उष्णकटिबंधीय पक्षियों के झुंड पर सांप्रदायिक रूप से हमला करता है और इस प्रकार अपने खाद्य पदार्थों को इकट्ठा करता है। इसी प्रकार से ब्रूड परजीवी ऐसे जीव होते हैं, जो अपने बच्चों को पालने के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। यह रणनीति या प्रक्रिया पक्षियों, कीड़ों और मछलियों के बीच दिखाई देती है। ब्रूड परजीवी अपने नन्हें पक्षी को पालने के लिए, एक ही या किसी अन्य प्रजाति पर निर्भर होता है।वे ऐसे पक्षी के घोंसले पर अंडे देते हैं, जिनके अंडे उस पक्षी के अंडे की तरह दिखाई देते हैं।
ब्रूड परजीवीवाद में परजीवी माता-पिता को युवाओं के पालन-पोषण या युवाओं के लिए घोंसले बनाने से राहत प्राप्त होती है, अर्थात उन्हें घोंसलें नहीं बनाने पड़ते।इस प्रकार वे अन्य गतिविधियों जैसे आगे की संतान पैदा करना,पर अधिक समय व्यतीत करने में सक्षम होते हैं। पक्षियों के घोंसलों के बारे में सोचते समय अक्सर लोग टहनियों और पत्तियों के नियमित कटोरे के आकार के पात्र की कल्पना करते हैं, लेकिन पक्षियों द्वारा घोंसला निर्मित करना उतना ही विविध होता है, जितना कि वे खुद हैं। अपना घोंसला बनाने के लिए वे किसी भी लंबाई तक पहुंच सकते हैं, जो उनके चूजों को नुकसान से सुरक्षित रखते हैं।कुछ पक्षियों को अपने अद्भुत और अविश्वसनीय घोंसले के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। जैसे:
1. बाया वीवर प्लोसियस फिलीपींस (Baya Weaver Ploceusphilippinus) को अपने विस्तृत बुने हुए घोंसले के लिए
2. एन्नास हमिंगबर्ड केलिप्टे अन्ना (Anna's Hummingbird Calypte anna) को मकड़ी के रेशम से बंधे पौधों के रेशों, कोमल पंखों और जानवरों के बालों का उपयोग करके बनाए गए छोटे आलीशान घोंसले के लिए
3. रूफस हॉर्नेरो फर्नारियस रूफस (Rufous Hornero Furnarius rufus) को अपने मिट्टी और खाद से बने विशाल घोंसले के लिए
4. हैमरकोप स्कोपस अम्ब्रेटा (Hamerkop Scopus umbretta) को अपने तीन से पांच असामान्य विशाल घोंसले के लिए
5. गिला वुडपेकर मेलानेरपेस यूरोपीजियालिस (Gila Woodpecker Melanerpes uropygialis) को कैक्टस पर बनाए गए घोंसलें के लिए जाना जाता है।
पक्षियों द्वारा बहुत सुंदर तरीके से घोंसलों का निर्माण किया जाता है।
किंतु प्रश्न यह है, कि आखिर पक्षी घोंसला बनाना कैसे सीखते हैं।इस विषय पर हाल ही में कुछ दिलचस्प अध्ययन हुए हैं, जिसके अनुसार पक्षी अपने स्वयं के घोंसले के निर्माण के अनुभव से घोंसले बनाना तथा उन्हें बनाने के तरीकों में सुधार करना सीखते हैं।अन्य अध्ययनों के अनुसार पक्षी अपने माता- पिता या अन्य परिचित पक्षियों से उदाहरण के द्वारा सीख सकते हैं। अपने पहले घोंसले का निर्माण करते समय कुछ पक्षी पहले अपने पड़ोस में अधिक अनुभवी,परिचित पक्षियों का निरीक्षण करते हैं, तथा बाद में उन्हें देखकर अपने घोंसलें का निर्माण करते हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/3mLXBLm
https://bit.ly/3gOLMjL
https://bit.ly/3DvSSU6
https://bit.ly/3juPi4F

चित्र संदर्भ
1. मिट्टी के घोंसले बनाते हुए दो चट्टान निगल (Cliff Swallows) का एक चित्रण (wikimedia)
2. "सेकेंडरी कैविटी नेस्टर्स (Secondary cavity nesters)", अन्य प्रजातियों द्वारा खोदी गई प्राकृतिक गुहाओं या छिद्रों का उपयोग करते हैं जिसका एक चित्रण (Flickr)
2. पेड़ पर चिड़िया के घोंसले का एक चित्रण (wikimedia)



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