लखनऊ में दिवाली: एक हर्षोल्लास का त्योहार

लखनऊ

 12-12-2017 04:18 PM
शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक
लखनऊ जिला उत्तरप्रदेश में गंगा के उर्वर मैदान पर व गोमती के किनारे बसा हुआ है। लखनऊ का भुगोल पूर्ण रूप से मैदानी है। यदा-कदा मिट्टी के टीले यहाँ पर दिखाई दे जाते हैं अन्यथा यहाँ की पूरी भूमि समतल है। लखनऊ में प्रमुखता से दो प्रकार की मिट्टी पायी जाती है: 1- बलुई दोमट तथा 2- चिकनी मिट्टी। लखनऊ में आर्द्रभूमि (दलदली), परती भूमि, खेतिहर भूमि व जलीय भूमि की उपलब्धता है। उपरोक्त दिए मिट्टी के प्रकार, जल की व्यवस्था, भूमि के प्रकार इनमे व्याप्त विविधिता लखनऊ को विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों के रहने योग्य माहौल का निर्माण करती है। विश्व की वनस्पतियों को प्रमुख दो भागों में वर्गीकृत किया गया है: 1- संवहनी वनस्पतियां तथा 2- असंवहनी वनस्पतियां संवहनी वनस्पतियां वह वनस्पतियां होती हैं जो प्रकाश संश्लेषण करती है तथा इन वनस्पतियों में एंजियोस्पर्म (आवृत्तबीजी) और जिम्नोस्पर्म (अनावृत्तबीजी) दोनो आते हैं। जैसे- आम, इमली, कनेर, बबूल आदि। असंवहनी वनस्पतियाँ वो होती है जो की पानी के अंदर तथा जमीन के उपर कालीन की तरह फैली होती हैं उदाहरणतः काई, शैवाल आदि। वर्गों के बाद वनस्पतियों को विभिन्न परिवार, नस्ल, श्रेणी व पीढी के अनुसार विभाजित किया गया है। हर एक नस्ल एक प्रकार की वनस्पति का प्रतिनिधित्व करती है। वनस्पतियों का विभाजन उनके उत्पाद पर भी किया जाता है जैसे कि बीज से उत्पादित होने वाली वनस्पतियां व बीजाणु से उत्पादित होने वाली वनस्पतियां। बीजाणु से उत्पादित होने वाली वनस्पतियों में शैवाल, काई, पर्णांग आदि हैं। बीज से उत्पादित होने वाली वनस्पतियों को दो विभाग में विभाजित किया गया है: 1- अनावृत्तबीजी तथा 2- आवृत्तबीजी अनावृत्तबीजी- इस प्रकार की वनस्पतियां प्रमुख रूप से गैर पुष्पीय वनस्पतियां होती हैं तथा ये नग्न बीज का उत्पादन करती हैं। अनावृत्तबीजी वनस्पतियों कि विश्व भर में करीब 700 नस्लें पायी जाती हैं। साईकेड, जींकगो और शंकुधर वृक्ष, ताड़ आदि अनावृतबीजी प्रकार की वनस्पतियां हैं। आवृत्तबीजी- ये वनस्पतियाँ पुष्पीय होती हैं तथा इनके बीज, फल या किसी खोल में होते हैं जैसे आम। आवृत्तबीजी वनस्पतियों की विश्वभर में करीब 2 लाख 50 हजार नस्लें पायी जाती हैं। लखनऊ में संवहनी व असंवहनी दोनो प्रकार की वनस्पतियां पायी जाती हैं। जलीय स्थानों की अधिकता के कारण यहाँ कि असंवहनी वनस्पतियों में शैवाल, काई आदि पाई जाती हैं। संवहनी पौधों के दोनो वर्गों की वनस्पतियां यहाँ पायी जाती हैं। अनावृत्तबीजी में लखनऊ में ताड़ व इस परिवार से सम्बन्धित वनस्पतियां नदियों के किनारे पायी जाती हैं। लखनऊ में आम, बबूल, जामुन, नींबु, शीशम, चिलबिल, कैंत, तूत, कटहल, अमरूद, आदि आवृत्तबीजी वनस्पतियां बड़ी संख्या में पायी जाती हैं। लखनऊ का वनस्पति उद्यान संपूर्ण भारत के वनस्पति विज्ञान केन्द्रों मे एक प्रतिष्ठित स्थान रखे हुए है। इसका पुराना नाम सिकंदर बाग़ था जो बाद मे बदल कर राष्ट्रीय वनस्पतिशास्त्र शोध केंद्र कर दिया गया। इसका निर्माण यहाँ के नवाब शादत खान द्वारा कराया गया था। अंग्रेजों के अधीन होने पर अंग्रेजों ने इसको बागवानी शोध संस्था के रूप मे परिवर्तित कर दिया। इस नए परिवर्तन से यहाँ पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाने लगा। जैसे पुष्पों कि प्रदर्शनी, अन्य जगहों के पौधों से अदला-बदली व निर्यात आदि। यही कारण रहा कि यहाँ पर कई फलों के बगीचों, फूलों कि पौधशाला तथा अन्य छोटे बगीचों का निर्माण व विस्तार हुआ। यहाँ के सिकंदर बाग को आज राष्ट्रिय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के रूप मे भी जाना जाता है। 1. सी. डैप लखनऊ 2. नेशनल वेटलैंड उत्तरप्रदेश

RECENT POST

  • लखनऊ खजूर गांव महल का क्या है इतिहास
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     14-05-2021 09:33 PM


  • लखनऊ में ईद का जश्न कोरोना महामारी के कारण काफी प्रभावित हुआ है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-05-2021 07:41 AM


  • मधुमक्खी पालने वाले कैसे अमीर हो रहे हैं और हमारी नन्ही दोस्त मधुमक्खी किस संकट में हैं?
    पंछीयाँतितलियाँ व कीड़े

     13-05-2021 05:24 PM


  • अपनी नैसर्गिक खूबसूरती के साथ भयावह नरसंहार का साक्ष्य सिकंदर बाग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-05-2021 09:29 AM


  • ग्रॉसरी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री में सहायक हुई हैं,ई-कॉमर्स कंपनियां और कोरोना महामारी
    संचार एवं संचार यन्त्र

     10-05-2021 09:45 PM


  • शहतूत- साधारण किंतु अत्यंत लाभकारी फल
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें बागवानी के पौधे (बागान)साग-सब्जियाँ

     10-05-2021 08:55 AM


  • आनंद, प्रेम और सफलता का खजाना है, माँ
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-05-2021 12:23 PM


  • मानव सहायता श्रमिक (Humanitarian Aid Workers)कोरोना काल के देवदूत हैं।
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     08-05-2021 09:05 AM


  • नोबल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर का संगीत प्रेम तथा लखनऊ शहर से विशेष लगाव।
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिध्वनि 2- भाषायें विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     07-05-2021 10:00 AM


  • नृत्य- एक पारंपरिक और धार्मिक अभ्यास
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिद्रिश्य 2- अभिनय कला द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     06-05-2021 09:25 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id