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क्या है जमीनी स्तर या खराब ओजोन और यह कैसे मानव स्वस्थ्य को प्रभावित करती है

लखनऊ

 17-09-2021 09:44 AM
जलवायु व ऋतु
FEAR (भय) :

ओजोन (Ozone) एक रंगहीन गैस है जो ऑक्सीजन (Oxygen) के तीन परमाणुओं से बनी होती है। ओजोन हमारे वायुमंडल के दो अलग-अलग हिस्सों में पाई जाती है। जमीनी स्तर या "खराब" ओजोन मानव स्वास्थ्य को उत्तेजित करने वाला और धूम-कोहरा का घटक है। यह निचले वायुमंडल (क्षोभमंडल) में पाया जाता है और इसका "ओजोन छिद्र" से कोई लेना-देना नहीं है।उच्च स्तर या "लाभदायक" ओजोन समताप मंडल में होता है
और यह वायुमंडलीय ओजोन के विशाल बहुमत के लिए जिम्मेदार होता है। लाभदायक ओजोन परत वायुमंडल में स्वाभाविक रूप से होता है, जहां यह एक सुरक्षात्मक परत बनाता है जो हमें सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। लाभकारी ओजोन मानव निर्मित रसायनों द्वारा आंशिक रूप से नष्ट कर दिया गया है, जिससे "ओजोन में छेद" कहा जाता है।
अच्छी खबर यह है कि यह छेद अब कम हो रहा है। जबकि निचली वायुमंडल ओजोन, सीधे हवा में उत्सर्जित नहीं होती है, लेकिन नाइट्रोजन (Nitrogen) के आक्साइड (Oxides) और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के बीच रासायनिक प्रतिक्रियाओं द्वारा बनाई जाती है।यह तब होता है जब कारों (Cars), बिजली संयंत्रों, औद्योगिक भट्टी, शोधशाला, रासायनिक संयंत्रों और अन्य स्रोतों द्वारा उत्सर्जित प्रदूषक सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में रासायनिक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं।शहरी वातावरण में गर्मी के दिनों में ओजोन के अस्वस्थ स्तर तक पहुंचने की सबसे अधिक संभावना होती है, लेकिन ठंड के महीनों के दौरान भी यह उच्च स्तर तक पहुंच सकता है। ओजोन को हवा द्वारा लंबी दूरी तक ले जाया जा सकता है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च ओजोन स्तर का अनुभव किया जाता है। वहीं कई मौसम संबंधी कारक ओजोन सांद्रता को प्रभावित करते हैं। जैसे सौर विकिरण और तापमान ओजोन के प्रकाश रासायनिक उत्पादन की गति और मात्रा को प्रभावित करते हैं। ऊर्ध्वाधर तापमान प्रवणता वातावरण में ऊर्ध्वाधर मिश्रण और उसके बाद जमीन के पास ओजोन एकाग्रता को प्रभावित करती है। सतही हवाएँ पर्वतीय घाटियों और तटीय क्षेत्रों में सांद्रता को नियंत्रित करती हैं। वहीं ऊपरी हवाएँ ओजोन और उसके अग्रदूतों के परिवहन के लिए जिम्मेदार हैं। वर्षा आर्द्र निक्षेपण के माध्यम से ओजोन सांद्रता को कम करती है। सापेक्षिक आर्द्रता ओजोन सांद्रता को रासायनिक रूप से नियंत्रित करती है और दैनिक मौसम संबंधी विविधताएं ओजोन सांद्रता के दैनिक परिवर्तन का कारण बनती हैं।साथ ही जमीनी स्तर पर ओजोन का स्तर स्थिर नहीं है। यह एक देश से दूसरे देश में भिन्न होता है और यहां तक कि एक देश के भीतर भी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होता है। एशिया (Asia), अफ्रीका (Africa), दक्षिण अमेरिका (South America) और यूरोप (Europe) के 50 स्थानों पर मासिक माप से पता चला है कि मध्य ओजोन सांद्रता वालिगुआन पर्वत (Waliguan Mountain), चीन (China (45ppb))में अधिकतम और पेटिट सॉट, फ्रेंच गुयाना (Petit Saut, French Guiana (8ppb))में न्यूनतम थी। उच्चतम ओजोन मान मध्य अक्षांशों में पाए गए,जहां उत्तरी गोलार्ध के मान दक्षिणी गोलार्ध के स्तर से अधिक थे, और सबसे कम मान उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए गए। भारत में, क्षेत्रीय भिन्नताओं के अलावा, ओजोन दैनिक और मौसमी भिन्नताओं को दर्शाता है। जमीनी स्तर पर ओजोन गर्मी के दौरान अधिकतम और बरसात के मौसम में न्यूनतम होता है। देश के अधिकांश हिस्सों में, स्तर दिन के समय या दोपहर के दौरान अधिकतम और रात के समय या सुबह के समय न्यूनतम होते हैं। हवा में अस्वस्थ ओजोन हमारे स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर गर्म धूप के दिनों में। ओजोन युक्त हवा में सांस लेने से होने वाले नुकसान के सबसे बड़ा जोखिम अस्थमा (Asthma) वाले लोगों को होता है।ओजोन के उच्च जोखिम वनों, पार्कों (Park), वन्यजीवों के शरणस्थलों और जंगल क्षेत्रों सहित संवेदनशील वनस्पति और पारिस्थितिक तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से, ओजोन बढ़ते मौसम के दौरान संवेदनशील वनस्पति को नुकसान पहुंचा सकता है।भारत में, विभिन्न स्थानों पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए सतही ओजोन का स्तर 8 घंटे के औसत 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की अनुशंसित सीमा से ऊपर है। सतही ओजोन के उच्च स्तर के संपर्क में आने से कई स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। अल्पकालिक अनावरण फेफड़ों के स्वस्थ्य में गिरावट का कारण बनता है और यह फेफड़ों के म्यूकोसिलरी फ़ंक्शन (Mucociliary function) को भी प्रभावित करता है जिससे जीवाणु संक्रमण की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। सतही ओजोन के स्तर में वृद्धि के साथ, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic Obstructive Pulmonary Diseases) के लिए अस्पताल में भर्ती होने और हृदय और श्वसन संबंधी मौतों की संख्या में वृद्धि की संभावना रहती है।
वहीं बच्चों में, ओजोन सांद्रता में वृद्धि अनिर्धारित अस्थमा दवाओं में वृद्धि तथा अस्पताल में भर्ती करवा सकती है। सतही ओजोन का उच्च स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है और इसलिए सतही ओजोन स्तरों की निगरानी की जानी चाहिए और उनके स्तर को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। स्वच्छ वायु अधिनियम में पहचाने जाने वाले छह सामान्य वायु प्रदूषकों में से एक ओजोन है। ईपीए (EPA)इन्हें "मानदंड वायु प्रदूषक" बुलाता है क्योंकि बाहरी हवा में उनके स्तर को स्वास्थ्य मानदंडों के आधार पर सीमित करने की आवश्यकता होती है।प्रत्येक मानदंड प्रदूषक के लिए राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक हैं। ये मानक बाहरी हवा में प्रदूषक की सांद्रता पर लागू होते हैं।ईपीएके 2015 ओजोन राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों का उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और लोक कल्याण दोनों की रक्षा करना है, जिसमें वनस्पति की रक्षा करना शामिल है। ईपीए ने संकेत दिया है कि जमीनी स्तर के ओजोन को कम करने से वनस्पति पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:
1. वन समुदायों की रक्षा कर सकता है;
2. लकड़ी और कुछ फसलों, जैसे सोयाबीन और सर्दियों के गेहूं की पैदावार में सुधार करेगा।
हम लोग घर और काम पर ऊर्जा का संरक्षण करके भी ओजोन के स्तर को कम कर सकती है; जब भी संभव हो पैदल, साइकिल से या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके निजी वाहन के उपयोग को कम करें,गैसोलीन- ईंधन (Gasoline) भरने के निर्देशों का पालन करते हुए, मोटर वाहन के इंजनों (Engines) को ठीक करें और सुनिश्चित करें कि टायर में ठीक से हवा भरी हुई हो।

संदर्भ :-
https://bit.ly/2YQDTUL
https://bit.ly/3nCpZQH
https://bit.ly/3EiDCdL

चित्र संदर्भ

1. त्वचा पर रेडिएशन के प्रभाव को दर्शाता एक चित्रण (theconversation)
2. बड़ा, गहरा अंटार्कटिक ओजोन छिद्र नवंबर तक बना रहता है, जिसका एक चित्रण (indiaclimatedialogue)
3. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic Obstructive Pulmonary Diseases) से प्रभावित अंगों को दर्शाता एक चित्रण (static.vecteezy)



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