लखनऊ में पाए जाने वाले प्रमुख सांप

लखनऊ

 16-12-2017 06:24 PM
रेंगने वाले जीव
भारत में सर्प मात्र एक शरीश्रृप के रूप में ही नही देखे जाते अपितु इनका आध्यात्मिक महत्व भी होता है। नाग पंचमी आदि त्योहार सर्प की महत्ता को प्रदर्शित करते हैं। भारत दुनिया में पाए जाने वाले समस्त सर्प के नस्लों का 10 प्रतिशत भाग अपनें में लिये हुए है। दुनियाँ में सबसे ज्यादा सर्पदंश भारत में ही देखे गए हैं। भारत में कुल 300 नस्लों के सर्प पाए जाते हैं। समस्त प्राप्त सांपों में किंग कोबरा, नाजा नाजा (नाग) डबोइया, पिट वाइपर, करैंत, धमन, पंडोल आदि हैं। लखनऊ में कोबरा (नाजा नाजा, फेटार, नाग) सर्प पाया जाता है। यह सर्प भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे ज्यादा जहरीला सर्प माना जाता है। कई मदारी इस सर्प को पेटी में रखकर घूमते हैं जिन्हे लखनऊ के सड़कों पर देखा जा सकता है। इस सर्प का शिकार भी बड़े पैमाने पर किया जाता है जिस कारण आज यह सर्प विलुप्तता कि कगार पर आने लगा है। इस सर्प को इंडियन वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत सुरक्षित सर्प की श्रेणी में डाल दिया गया है। लखनऊ मे दूसरा सबसे ज्यादा पाया जाने वाला सर्प है कॉमन करैत। यह सर्प इलापिडे परिवार में आता है तथा इसकी जाति है बंगरस। इसका वैज्ञानिक नाम बंगरस सेरुलिअस है। इसकी औसतन लम्बाई 0.9 मीटर होती है तथा नर सर्प मादा से लम्बा होता है। इनका सर चपटा होता है। इनकी आँखें छोटी और पुतलियाँ गोल होती हैं। इनका रंग ज़्यादातर काला या गहरा नीला होता है जिसके ऊपर सफ़ेद रंग की धारियाँ पड़ी होती हैं। यह सर्प खेतों, जंगलों तथा बसे हुए इलाकों में भी पाए जाते हैं और अक्सर इन्हें पानी वाले इलाकों में भी पाया जाता है। कॉमन करैत का भोजन दूसरे प्रजाति के सर्प, दूसरे करैत सर्प, चूहे, छिपकली, मेंडक आदि होते हैं। दिन के समय यह सर्प ज़्यादातर अपने बिल में खुदको एक गेंद के आकार में मरोड़कर छिपे रहते हैं इसलिए कम देखने को मिलते हैं। परन्तु रात के समय यह सर्प काफी फुर्तीले और आक्रमक रहते हैं जिस कारण इनके काटने की घटनाएं अक्सर रात में ही घटती हैं। काटते वक़्त यह सर्प अपने शिकार में अपना जबड़ा ज़्यादा देर तक गढ़ा के रखते हैं ताकि शिकार के शरीर में ज़हर ज़्यादा मात्रा में फ़ैल सके। इसका ज़हर काफी ताकतवर होता है तथा इससे इंसान की मांसपेशियों में लकवा मार जाता है। इनके काटने से ज़्यादा दर्द नहीं होता जिसके कारण शिकार को सब ठीक होने का झूठा आश्वासन रहता है। कॉमन करैत के काटने के लक्षण हैं काटने के एक से दो घंटे में चेहरे की मांसपेशियों में अकड़न आना और देखने और बोलने की क्षमता खो बैठना। परन्तु कुछ देर बाद ही मांसपेशियां एंठने लगती हैं और सही इलाज के बिना चार से छः घंटे में घुटन के कारण मौत हो जाती है। 1. कॉमन इंडियन स्नेक्स: अ फील्ड गाइड- रोम्युलस व्हिटेकर 2. http://www.indiansnakes.org/content/common-krait

RECENT POST

  • क्या बंदर केवल शाकाहारी होते हैं?
    स्तनधारी

     17-06-2019 11:08 AM


  • समय के साथ स्वाभाविक होते पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • क्या महानगरों में एसी के बिना प्राकृतिक रूप से जीवन यापन करना संभव है?
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:55 AM


  • क्यों कर रहे हैं भारतीय किसान आत्महत्या?
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 10:59 AM


  • लखनऊ के क्‍लबों का इतिहास तथा इनकी वर्तमान स्थिति
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:38 AM


  • कंपनी शैली का भारतीय पारंपरिक शैली तथा अवध शैली पर प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 11:58 AM


  • लखनऊ में जुम्‍मे की नमाज़ 1857 से पहले और उसके बाद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 10:49 AM


  • कोमल और मोहक सुगंध वाले ग्रीष्म ऋतु के प्रमुख मौसमी फूल
    बागवानी के पौधे (बागान)

     10-06-2019 12:20 PM


  • भारत के 10 सबसे रहस्यमयी मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:21 AM


  • किसी के मान को ठेस ना पहुँचाने के लिए इंद्रजाल कॉमिक्स ने उठाया था फैंटम में ये कदम
    ध्वनि 2- भाषायें

     08-06-2019 11:03 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.