लखनऊः वर्तमान का इस्तानबुल

लखनऊ

 02-01-2018 04:33 PM
वास्तुकला 1 वाह्य भवन
दरवाजों के आधार पर यदि कहा जाये की विभिन्न राजवंशों का पता चल सकता है, कारीगर का पता चल सकता है तो शायद ही कोई इस से इत्तेफाक रखे। दरवाजों का अपना एक अलग महत्व होता है तथा इनके नामों के पीछे कई कहानियाँ होती हैं चाहे वो बुलन्द दरवाजा हो या रूमी दरवाजा इन सबके नाम व कला के पीछे एक कहानी है। दरवाजों के कई स्वरूप व आकार प्रकार होते हैं जिनसे उनकी कला व स्थापत्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। दरवाजों का स्वरूप कई बार भौगोलिक दशा पर भी आधारित होता है। उत्तरप्रदेश में पहले कच्चे घरों (बखरी) में दो किवाड़ वाले दरवाजे लगते थे जिनके ऊपर दो अन्य लकड़ी के स्तम्भ आड़े रूप से रखे जाते थे जिनपर कई आकृतियाँ बनी होती थी जिनमें मोर मुख्य रूप से दिखाई देता था। ड्योढी हमेशा मोटे लकड़ी का बनी रहती थी तथा बाकी के दो खड़े स्तम्भ कई प्रकारों से अलंकृत किये हुये रहते थे। प्रत्येक दरवाजों के खुलने की दिशा भी वास्तु पर आधारित होती थी जैसे (उत्तर, पूरब आदि)। मुग़लकालीन व राजपूत कालीन दरवाजों को उनके मेहराबों के अनुसार बाँटा जा सकता है। लखनऊ को कांस्टेंटिनोपल(इस्तांबुल) कहा जाता है जिसका सबसे बड़ा कारण है यहाँ का रूमी दरवाजा। रूमी दरवाजे का निर्माण सन् 1784 में किया गया था। इसके निर्माण के पीछे लखनऊ में आया अकाल था। असफ-उद-दौला ने रोजगार की उपलब्धता कराने के लिये इस दरवाजे का निर्माण करवाया था। अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर इसका नाम रूमी दरवाजा क्यूँ पड़ा? रूमी दरवाजे की वास्तुकला तुर्की वास्तुकला से प्रेरित है, इसी प्रकार के कई दरवाजे इस्तांबुल में बनवाये गये थें वहाँ के दरवाजों को बाब कहा जाता है तथा वहाँ के इसी प्रकार के एक दरवाजे का नाम था बाब-ए-हुमायुँ। रूमी शब्द के प्रमुख दो अर्थ निकलते हैं प्रथम है मशहूर सूफी सन्त व लेखक थें तथा दूसरी रूमी का उद्भव रोम से हुआ है जो की उस वक्त का एक महान साम्राज्य हुआ करता था। लखनऊ में इस प्रकार के वास्तुकला के कारण ही लखनऊ को कांस्टेंटिनोपल कहा जाता है। रूमी दरवाजे का आकार करीब 60 फीट का है तथा इस दरवाजे को बनाने के लिए लाखौरी ईंट का प्रयोग किया गया है। धरवाजे को पलस्तर करने के लिये चूने का प्रयोग किया गया है। प्रस्तुत चित्र में इमामबाड़ा और रूमी दरवाजे को दिखाया गया है। 1. http://lucknow.me/Roomi-Gate.html 2. http://www.lucknow.org.uk/tourist-attractions/rumi-darwaza.html

RECENT POST

  • पुस्तक 'कोर्टेसन्स ऑफ़ लखनऊ' का संक्षिप्त वर्णन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     23-02-2019 11:45 AM


  • स्पर्श भावना में होने वाले परिवर्तन और उनकी संवेदनशीलता
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     22-02-2019 11:36 AM


  • जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना क्या है
    जलवायु व ऋतु

     21-02-2019 11:44 AM


  • महात्मा गांधी जी के राष्ट्रभाषा पर विचार
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-02-2019 11:59 AM


  • अवश्य करें इन योग पथों का अनुसरण
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     19-02-2019 12:17 PM


  • अवध की विशेष चित्रकला शैली
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     18-02-2019 12:29 PM


  • क्यों फेकता है स्कंक बदबूदार स्प्रे
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     17-02-2019 10:00 AM


  • जीवन की प्रणाली “दंड और पुरस्कार”
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-02-2019 11:31 AM


  • लखनऊ का स्वादिष्ट व्यंजन “शीरमाल”
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-02-2019 10:04 AM


  • कॉमिक “लव इस” की प्रेरणादायक कहानी
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     14-02-2019 12:55 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.