Post Viewership from Post Date to 25-Mar-2022 (30th Day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2290 138 2428

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

अब आ गया है हीरे की कठोरता को भेदने वाला कांच, जिसमें है ऊर्जा अवशोषण गुण

लखनऊ

 25-02-2022 10:26 AM
म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

सबसे मजबूत कांच स्टील से भी ज्यादा मजबूत होता है। मानव द्वारा हीरे को सबसे कठोर वस्‍तुओं में शामिल किया गया है, किंतु अब चीन (China) में वैज्ञानिकों ने कांच से बना एक यंत्र विकसित किया है जो हीरे के क्रिस्टल (crystal) को आसानी से खरोंच सकता है।इस नए पदार्थ को चीन में यानशान विश्वविद्यालय (Yanshan University) (ऑक्सफोर्ड नेशनल साइंस रिव्यू (Oxford National Science Review) में प्रकाशित अध्ययन) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया। इस नए पदार्थ को अभी AM-III के नाम से जाना जाता है और वैज्ञानिकों के दावों के अनुसार, इसमें उत्कृष्ट यांत्रिक और इलेक्ट्रॉनिक गुण हैं। इसमें 113 गीगापास्कल (जीपीए) (gigapascal (gpa)) की कठोरता है। इसकी तुलना में एक हीरा 50 से 70 गीगापास्कल के आसपास होता है। वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि AM-III में हाइड्रोजनीकृत अनाकार सिलिकॉन फिल्मों जैसे सौर कोशिकाओं में उपयोग किए जाने वाले अर्धचालकों के समान ऊर्जा अवशोषण गुण हैं। हीरे के क्रिस्टल में इसके परमाणुओं और अणुओं की आंतरिक संरचना उसकी ताकत और कठोरता को बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, AM-III के मामले में, अणुओं को एक अद्वितीय क्रम में संरेखित किया जाता है जो इसे एक विशेष गुण भी देता है।वैज्ञानिकों ने फुलरीन (fullerenes) को कुचलकर और सम्मिश्रण करके तथा 12 घंटे तक एक प्रायोगिक कक्ष में तीव्र गर्मी, दबाव - लगभग 25 गीगापास्कल पर 1200 डिग्री सेल्सियस का तापमान लागू करके इसे प्राप्त किया है। कांच अपनी आणविक संरचना के कारण अद्वितीय होता है। ठंडा होने पर यह कठोर रूप में जम जाता है। इसके बेहतर ढंग से व्यवस्थित प्रत्‍येक अणु के बीच बनने वाले मजबूत बंधन कांच को एक साथ जोड़कर रखते हैं और अंततः इसकी क्षमता को निर्धारित करते हैं। नयी धातु से बना कांच स्टील से भी ज्यादा मजबूत और सख्त होता है। शोधकर्ताओं ने एक धातु का कांच बनाया है जो अब तक का सबसे मजबूत और सख्त पदार्थ है। कांच विभिन्‍न रूपों में मौजूद है, बोरोसिलिकेट ग्लास (borosilicate glass) साधारण ग्लास की तुलना में बेहतर ऊष्‍मा परिवर्तन का सामना कर सकता है, और टेम्पर्ड सोडा लाइम सिलिकेट ग्लास (tempered soda lime silicate glass) प्रभाव टूटने के लिए अधिक प्रतिरोधी होता है। वहीं बुलेटप्रूफ ग्लास साधारण कांच से बहुत अलग होता है। यह विभिन्न प्लास्टिक के "इंटरलेयर्स" (interlayers) के साथ सख्त कांच की कई परतों से बना होता है। हालांकि कांच टूट जाता है, लेकिन प्लास्टिक की परतें उन्हें बिखरने से रोक देती हैं। वास्‍तव में कांच आज हमारे जीवन का अभिन्‍न अंग बन गया है, आज यह किसी न किसी रूप में हमसे जुड़ा हुआ है। कहीं सुरक्षा साधन के रूप में तो कहीं सौंदर्य प्रसाधन के रूप में। बड़ी-बड़ी इमारतों की सुरक्षा से लेकर मोबाइल फोन की सुरक्षा तक हम कांच का उपयोग कर रहे हैं। बाजार में आज विभिन्‍न प्रकार के सुरक्षा ग्‍लास मौजूद हैं, यदि हम अपने फोन के लिए किसी टेम्पर्ड ग्लास का चुनाव कर रहे हैं तो इसके लिए हमें कुछ पहलुओं को ध्‍यान में रखना आवश्‍यक है। क्‍योंकि यह हमारे फोन की स्क्रीन (Screen) को रोजमर्रा की खरोंच, टूट-फूट या किसी अन्य क्षति से बचाने में मदद करता है। लोग अक्‍सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि टेम्पर्ड ग्लास प्रोटेक्टर (tempered glass protector) का इस्तेमाल करें या प्लास्टिक वाले?
स्क्रीन प्रोटेक्टर (screen protector) बनाम टेम्पर्ड ग्लास (tempered glass) के फायदे: प्लास्टिक स्क्रीन गार्ड (Plastic screen guards) लंबे समय तक चलने हेतु बहुत लचीले होते हैं। प्रयोगों से पता चला है कि हथौड़े से मारने या यहां तक कि चट्टानों पर ऊंचाई से गिराने पर भी इन दोनों में कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।प्लास्टिक स्क्रीन प्रोटेक्टर पुन: प्रयोज्य हैं। किसी भी समय, आप इन्हें उतार सकते हैं, स्टोर कर सकते हैं और बाद में फिर से उपयोग कर सकते हैं। यह सुविधा उनके दीर्घकालिक उपयोग को सुनिश्चित करती है। यदि आपको वाटरप्रूफ केस (waterproof case) लगाने की आवश्यकता है, तो आप प्लास्टिक वाले को हटा सकते हैं और दूसरे को लगा सकते हैं। स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाम टेम्पर्ड ग्लास के नुकसान:
1.प्लास्टिक सामग्री से बने होने के कारण, समय के साथ ये अपनी स्पष्टता खो देते हैं। जिससे लंबे समय तक इसका उपयोग करने पर धुंधला दिखने लगता है। इनमें खरोंच आसानी से दिखती है।
2.यह ग्लास टेम्पर्ड स्क्रीन प्रोटेक्टर की तुलना में अपेक्षाकृत पतला होता है। स्क्रीन गार्ड जितना मोटा होता है, उतना ही सख्त होता है, जो कि हमारी स्क्रिन को अधिक सुरक्षा देता है।
3.ये फिंगरप्रिंट (fingerprint) प्रतिरोधी नहीं होते हैं। टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर: यह किनारों को नुकसान पहुंचाए बिना फोन स्क्रीन को कवर कर सकता है। टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के ग्लास को बड़े पैमाने पर गर्म करके और तीव्रता से ठंडा करके बनाया जाता है। जैसे ही कांच अत्यधिक गर्मी और फिर तेजी से ठंडा होने दोनों को सहन करता है, वे अंत में अविश्वसनीय रूप से मजबूत हो जाते हैं।टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर (Tempered glass screen protector) में कई परतें होती हैं, जिसमें एक ओलेओफोबिक नैनो-कोटिंग (oleophobic nano-coating), एंटी-शैटर फिल्म (anti-shatter film) और टेम्पर्ड ग्लास के ऊपर एक पेनेट्रेबल सिलिकॉन कोटिंग (penetrable silicone coating ) शामिल है। ये संपीड़ित परतें टेम्पर्ड ग्लास की गर्मी और खरोंच प्रतिरोधकता को सामान्य कांच की तुलना में पांच गुना अधिक मजबूत करती हैं।
घरों की सुरक्षा में कांच की भुमिका: विंडो सुरक्षा फिल्म (Window Security Film) कांच निर्माण उद्योग में सबसे पुरानी और सबसे बहुमुखी सामग्री में से एक है। यह प्रकाश को अवशोषित, अपवर्तित और संचारित करता है, साथ इमारत के सौंदर्य को बढ़ाता है । सुरक्षा विंडो फिल्मों का उपयोग नियमित कांच को मजबूत करके उसकी सुरक्षा को बढ़ाने के लिए किया जाता है। खिड़कियों के लिए सुरक्षा फिल्मों का उपयोग टूटने, बर्बरता, दुर्घटनाओं, आतंकवादी बम हमलों और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में मदद के लिए किया जाता है। विंडो सुरक्षा फिल्म पॉलिएस्टर फिल्म (polyester film) की एक या अधिक परतों से बनी होती है, जिसके विभिन्‍न टुकड़ों को अद्वितीय रूप से चिपकाया जाता है। ये मोटाई में 4 मिलिट्री से 15 मिलिट्री या इससे अधिक तक हो सकते हैं।आम तौर पर, फिल्म जितनी मोटी होती है, उतनी ही अधिक टिकाऊ होती है और इसके टूटने, फटने की संभावना उतनी ही कम होती है। पतली फिल्मों का उपयोग अक्सर टिनिंग (tinting) या सौर सुरक्षा के लिए किया जाता है। हालांकि, कुछ निर्माता नैनो तकनीक से पतली फिल्में बनाते हैं जो मोटी फिल्मों की तुलना में अधिक मजबूत होती हैं, लेकिन इसकी लागत बहुत अधिक होती है। खिड़कियों के लिए सुरक्षा फिल्म न केवल कांच को टूटने से रोकती है, बल्कि यह कांच को मजबुती भी प्रदान करती है, जिससे इसमें प्रवेश करने में तीन मिनट तक की देरी भी लग सकती है। इसका मतलब यह है कि घुसपैठियों को प्रवेश पाने के लिए अधिक बल का प्रयोग करना होगा। कुछ लोग दावा करते हैं कि वे बुलेटप्रूफ विंडो फिल्म (bulletproof window film) प्रदान करते हैं हालांकि इसके जैसी कोई चीज नहीं होती है। बुलेट रेसिस्टेंट ग्लास (bullet resistant glass) की कीमत सिक्योरिटी फिल्म से काफी ज्यादा होती है। आकार और प्रकार के आधार पर, यह प्रति वर्ग फुट सैकड़ों डॉलर तक पड़ जाती है। विंडो फिल्में जबरन प्रवेश, सक्रिय शूटर (एक घुसपैठिए को धीमा करना) और बम विस्फोट के खिलाफ बहुत कम सुरक्षा प्रदान करती हैं, जिसके लिए प्रयोगशालाओं में उनका परीक्षण भी किया जाता है। 3M™ सुरक्षा और सुरक्षा विंडो फिल्म्स और 3M™ इंपैक्ट प्रोटेक्शन अटैचमेंट सिस्टम के साथ, आप कांच के टूटने के जोखिम को कम कर सकते हैं, संपत्ति या डेटा हानि से बचाव में मदद कर सकते हैं, और कम व्यावसायिक व्यवधान सुनिश्चित कर सकते हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/3I35GmR
https://bit.ly/3BA4rJ6
https://bit.ly/36uvqux
https://bit.ly/3H7dPoJ
https://bit.ly/3JIwRDT
https://bit.ly/3p2hle9
https://bit.ly/3I4V5rx

चित्र संदर्भ   
1. AM-III को दर्शाता एक चित्रण (indiatimes)
2. आवर्त सारणी को दर्शाता चित्रण (wikimedia)
3. बोरोसिलिकेट ग्लास स्टिरिंग रॉड को दर्शाता चित्रण (flickr)
4. टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर को दर्शाता चित्रण (flickr)
5. बुलेट रेसिस्टेंट ग्लास को दर्शाता चित्रण (wikimedia)



***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • यूक्रेन युद्ध, भारत में कई जगह सूखा, बेमौसम बारिश,गर्मी की लहरों से उत्पन्न खाद्य मुद्रास्फीति
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:44 AM


  • हम लखनऊ वासियों को समझनी होगी प्रदूषण, अतिक्रमण से पीड़ित जल निकायों व नदियों की पीड़ा
    नदियाँ

     25-05-2022 08:16 AM


  • लखनऊ के हरित आवरण हेतु, स्थानीय स्वदेशी वृक्ष ही पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे उपयुक्त
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:37 AM


  • स्वास्थ्य सेवा व् प्रौद्योगिकी में माइक्रोचिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग, क्या भारत बनेगा निर्माण केंद्र?
    खनिज

     23-05-2022 08:50 AM


  • सेलफिश की गति मछलियों में दर्ज की गई उच्चतम गति है
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:40 PM


  • बच्चों को खेल खेल में, दैनिक जीवन में गणित के महत्व को समझाने की जरूरत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:09 AM


  • भारत में जैविक कृषि आंदोलन व सिद्धांत का विकास, ब्रिटिश कृषि वैज्ञानिक अल्बर्ट हॉवर्ड द्वारा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:03 AM


  • लखनऊ की वृद्धि के साथ हम निवासियों को नहीं भूलना है सकारात्मक पर्यावरणीय व्यवहार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:47 AM


  • एक समय जब रेल सफर का मतलब था मिट्टी की सुगंध से भरी कुल्हड़ की स्वादिष्ट चाय
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:47 AM


  • उत्तर प्रदेश में बौद्ध तीर्थ स्थल और उनका महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:52 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id