बाढ़ नियंत्रण में कितने महत्वपूर्ण हैं, बीवर

लखनऊ

 15-05-2022 03:36 PM
व्यवहारिक
बीवर (Beavers) एक कीस्टोन (Keystone) प्रजाति है, अर्थात एक ऐसी प्रजाति जो अन्य प्रजातियों के अस्तित्व के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। वे केवल पारिस्थितिकी तंत्र में ही अपना योगदान नहीं देते बल्कि सक्रिय रूप से इसे बनाते भी हैं। जीव आमतौर पर पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा होते हैं, लेकिन बीवर इसके निर्माणकर्ता हैं।बीवर की दो प्रजातियाँ हैं, जो उत्तरी अमेरिका (America), यूरोप (Europe) और एशिया (Asia) के जंगलों में पाई जाती हैं।ये जानवर पूरे सर्दियों में सक्रिय रहते हैं, अपने तालाबों में तैरते हैं और भोजन के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। ऐसा तब भी होता है जब बर्फ की एक परत सतह को ढक लेती है। यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) में लगभग 400 साल पहले बीवर विलुप्त हो गए थे। अब उन्हें फिर से उत्पन्न किया जा रहा है क्योंकि अधिकारियों को यह एहसास होता है कि वे बाढ़ नियंत्रण में कितने महत्वपूर्ण हैं। जब कोई बीवर बांध बनाता है, तो वह उसके पीछे आर्द्रभूमि का एक क्षेत्र बनाता है। यह अन्य जानवरों और पौधों के लिए एक नया आवास बन जाता है। बीवर द्वारा बनाया गया बांध मिट्टी के कटाव को कम करेगा, और इसके पीछे गाद जमा होगी। यह गाद एक फिल्टर के रूप में कार्य करती है जो पानी से प्रदूषकों को हटाती है। इसके अलावा बीवर पेड़ साफ करते हैं, जिससे लकड़ी वाले पेड़ों से समृद्ध क्षेत्र में अन्य पौधे भी पनप पाते हैं। बीवर शाकाहारी होते हैं जो जलीय पौधे, पौधों की छाल और पत्ते खाते हैं, जिससे पर्यावरण को थोड़ा सा नुकसान होता है, हालांकि यह नुकसान पर्यावरण के लिए उनकी भूमिका के सामने कुछ भी नहीं है।

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