लखनऊ की खनिज़ सम्पदा

लखनऊ

 21-01-2018 09:41 AM
खनिज

लखनऊ गंगा के मैदानी इलाके में स्थित प्रदेश है जो तृतीय अधिकल्‍पोत्तर में नदियों के गाद से भरा था। भूगर्भशास्त्र अन्वेषण में यहाँ से गंगा के साधारण कछार के अलावा कुछ भी महत्वपूर्ण खनिज़ या धातु नहीं मिला है। गंगा के इस कछार में विभिन्न जगहों पर किये गए बरमाना में ये पता चला की खुरदुरी रेत, रेह, रेतीले गाद तथा यदाकदा मिलने वाली मिट्टी, चिकनी मिट्टी, दोमट मिट्टी और कंकड़ के अलावा कुछ नहीं है। इन सभी खनिजों में कंकड़ सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्यूंकि इसे पूल, रास्ते एवं वास्तु निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लखनऊ गज़ेटियर,1959 के अनुसार जमीन की सतह से 3 से 4 फीट नीचे खुदाई करने पर लखनऊ में कई जगहों पर मिलता है। 1) कंकड़: कंकड़ से मिले चुने से लखनऊ के बहुतसे रास्ते बनवाए गए थे जो बाद में गिट्टी और तारकोल की रोड़ी इस्तेमाल करने वाले तरीके से बदला गया मात्र आज भी स्थानीय रास्ते, वास्तु आदि और बाकी बहुत सारे कामों में चुने का इस्तेमाल किया जाता है। भट्टी में पिघलाए कंकड़ से मिले चुने से लिपाई-पुताई आदि में इस्तेमाल किया जाता है। 2) ईंट की मिट्टी: ये भी लखनऊ में बहुत जगह पर पायी जाती है। कहा जाता है की इस मिट्टी का सबसे अच्छा प्रकार लखनऊ से रायबरेली जाते वक़्त सातवें मील के पत्थर के आस-पास के इलाके से प्राप्त होता है। 3) चिकनी मिट्टी: चुनेवाली दोमट मिट्टी से भरपूर ये मिट्टी झीलों के और नदी के किनारों पर मिलती है। इसका इस्तेमाल सीमेंट बनाने में अधिकतर होता है। 4) रेह (क्षारीय मिट्टी): इस मिट्टी का इस्तेमाल कांच बनाने के लिए किया जाता है। धोबी इसका इस्तेमाल साबून के एवज़ में करते हैं। इस मिट्टी से खारी (सल्फेट ऑफ़ सोडा), सज्जी ( अशुद्ध कार्बोनेट ऑफ़ सोडा) और शोरा (साल्टपेटर) भी निकाला जाता है। 5) चिकनी मिट्टी: ये बहुत से जगहों पर उपलब्ध है और इसका इतेमाल खिलौने तथा मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए किया जाता है। 6) रेत: ये गोमती के किनारे से काफी मात्रा में मिलती है और इसका इस्तेमाल वास्तु बनाने के लिए किया जाता है। 1.उत्तर प्रदेश डिस्ट्रिक्ट गज़ेटियर वॉल्यूम xxxvii 1959 https://ia801607.us.archive.org/17/items/in.ernet.dli.2015.86/2015.86.Uttar-Pradesh-District-Gazetteers-Volume-Xxxvii-Lucknow.pdf 2.एम एस एम ई 2016 http://dcmsme.gov.in/dips/2016-17/DIP%20Lucknow%20RK%20DD%20(IMT)%20%2003.06.2016.pdf 3.https://ia801603.us.archive.org/28/items/in.ernet.dli.2015.181611/2015.181611.Lucknow---A-Gazetteer.pdf 4.डायरेक्टरेट ऑफ़ जियोलॉजी एंड माइनिंग http://mineral.up.nic.in/



RECENT POST

  • क्या है ईस्टर (Easter) खरगोश और ईस्टर अण्डों का महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 10:02 AM


  • जैन ब्रह्माण्ड विज्ञान (Jain Cosmology) का संछिप्त वर्णन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 11:41 AM


  • अवध की भूमि से जन्में कुछ लोक वाद्य यंत्र
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     17-04-2019 12:42 PM


  • 1849 से 1856 तक लखनऊ के रेजिडेंट (Resident) - विलियम हेनरी स्लीमन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-04-2019 04:33 PM


  • लखनऊ में पीढ़ी दर पीढ़ी कला का हस्‍तांतरण
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     15-04-2019 02:47 PM


  • लखनऊ की भव्यता को दर्शाता यह छोटा सा विडियो (Video)
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     14-04-2019 07:30 AM


  • जाने कैसे हुई रामायण की रचना और इसके सातों काण्ड को संछिप्त में
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-04-2019 07:00 AM


  • फिल्‍मों के माध्‍यम से जीवित है जलियांवाला बाग हत्‍याकाण्‍ड का मर्म
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-04-2019 07:30 AM


  • भारत में जूट का व्‍यापार
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     11-04-2019 07:00 AM


  • खतरे में पड़ता जा रहा है मोर का अस्तित्व
    पंछीयाँ

     10-04-2019 07:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.