वाजिद अली का स्वतंत्र लेख

लखनऊ

 26-01-2018 08:49 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

वाजिद अली शाह अवध का पांचवां राजा और अमजद अली शाह के पुत्र थे। वाजिद अवध राज्य (वर्तमान का लखनऊ) की दसवीं और अंतिम नवाब थे, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश में भारत में था। वे 1847 में अवध सिंहासन पर सिहासनारूढ हुये और नौ साल तक शासन किया। वाजिद एक कवि, नाटककार, नर्तक और कला के महान संरक्षक थे। यद्यपि उनका पेन-नाम कैसर था, उन्होंने अपनी कई रचनाओं के लिए उपनाम "अख्तरपीया" का इस्तेमाल किया। इस पेन के नाम के तहत, उन्होंने चालीस कामों के बारे में लिखा - कविताओं, गद्य और ठुमरी "दीवान-ए-अख्तर", "हुस-ए-अख्तर" में उनके गजल होते हैं। वाजिद अली शाह के समयकाल में ही लखनऊ में 1857 की क्रान्ती हुई और उन्होने आजादी पर कई गज़लें, कवितायें व शेरों का लेखन किया था। उन्ही गज़लों में से एक रूखसत ऐ अह्ल-ऐ-वतन निम्न दिया गया है। चित्र में अंग्रेजों की लड़ाई का अंकन किया गया है। शब अन्धो में रो-रो कर बसर करते हैं, दिन को किस रन्ज-ओ-तरदद में गुज़र करते हैं, नाला-ओ-आह गर्ज आठ पहर करते हैं, दर-ओ-दीवार पर हसरत से नज़र करते हैं, रुखसत ए अह्ल-ऐ-वतन हम तो सफर करते हैं। दोस्तो, शाद रहो तुमको खुदा को सौपना, कैसर बाग जो है उसको सबा को सौपना, हमने अपने दिले नाज़ुक को ज़फा को सौपना, दर-ओ-दीवार पर हसरत से नज़र करते हैं, रुखसत-ए-अहले वतन हम तो सफर करते हैं। शिकवा किससे करूँ, याँ दोस्तो ने मारा मुझको, जिस खुदा के नही अब कोई सहारा मुझको, नज़र आता नही बन जाये गुज़ारा मुझको, दर-ओ-दीवार पर हसरत से नज़र करते हैं, रुखसत-ए-अहले वतन हम तो सफर करते हैं। 1. वाज़िद अली शाह अख्तर, 2. वाज़िद अली शाह अख्तर, रेख्ता



RECENT POST

  • महात्मा गांधी जी के राष्ट्रभाषा पर विचार
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-02-2019 11:59 AM


  • अवश्य करें इन योग पथों का अनुसरण
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     19-02-2019 12:17 PM


  • अवध की विशेष चित्रकला शैली
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     18-02-2019 12:29 PM


  • क्यों फेकता है स्कंक बदबूदार स्प्रे
    व्यवहारिक

     17-02-2019 10:00 AM


  • जीवन की प्रणाली “दंड और पुरस्कार”
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-02-2019 11:31 AM


  • लखनऊ का स्वादिष्ट व्यंजन “शीरमाल”
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-02-2019 10:04 AM


  • कॉमिक “लव इस” की प्रेरणादायक कहानी
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     14-02-2019 12:55 PM


  • लखनऊ का रौज़ा काज़मैन
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     13-02-2019 03:07 PM


  • नवाबों के शहर लखनऊ में नया गोल्फ कोर्स
    हथियार व खिलौने

     12-02-2019 04:40 PM


  • भारतीय शास्‍त्रीय संगीत गायन की प्रसिद्ध शैली ठुमरी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     11-02-2019 04:43 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.