लखनऊ की तुनकी नान

लखनऊ

 22-02-2018 09:51 AM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

अवध अपने खाने के लिये विश्व में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। अवध मांसाहार के साथ-साथ शाकाहार दोनो प्रकार के खाद्य पदार्थों के लिये जाना जाता है। यहाँ पर अपनी एक अलग खास नवाबी खानपान शैली है। इसमें विभिन्न तरह की बिरयानी, कबाब, शीरमाल, ज़र्दा, रुमाली रोटी, कोरमा, नाहरी कुल्चे, और वर्की परांठा, कचौरियाँ, विभिन्न प्रकार की दाल, सब्जियाँ और रोटियां आदि हैं, जिनमें काकोरी कबाब, गलावटी कबाब, पतीली कबाब, बोटी कबाब, घुटवां कबाब, और शामी कबाब प्रमुख हैं। लखनऊ के नान का भी कोई तोड़ नही है यहाँ पर कई प्रकार के नान बनाये जाते हैं। फारसी भाषा में नान का मतलब रोटी है। लेकिन परंपरा के अनुसार हम उसे रोटी नान कहते हैं जो आकार में छोटा और गोलाई वाला हो। पुराने समय में गोल आकार के खमीर वाले ब्रेड बाजारों में बेचे जाते थे और गरीब वर्ग के लोगों के लिए यह बहुत बड़ा आशीर्वाद था। लेकिन अमीरों की रसोईयों में गोल रोटियों को बहुत मेहनत के साथ पकाया जाता था और उनके विशिष्ट विशेषताओं के अनुसार अलग-अलग नाम दिए गए थे। ऐसी कई प्रकार की रोटियां थीं। इनमें एक किस्म में नान-ए-तुनक था, जिसे विशेष लोगों के साथ-साथ आम लोगों द्वारा प्रयोग किया जाता था। यह नान रोटी अमीरों के रसोई से लेकर आम घरों और बाजारों तक फैल चुका था और तुनक के नाम से प्रसिद्ध हो गया था। बाजारों में यह रोटी तुनकी की रोटी और अमीरों के बीच नान-ए-तुनक नाम से जानी जाती थी। हालांकि यह नान रोटी शुद्ध घी में बाजार में सस्ती कीमत पर उपलब्ध था और यह स्वतंत्र रूप से लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था।

1. द क्लासिक क्युज़ीन ऑफ लखनऊ, ए फूड़ मेमोयर बाय मिर्ज़ा ज़फर हुसैन, ट्रान्सलेटेड बाय सूफिया किदवई



RECENT POST

  • विभिन्न संस्कृतियों में हैं, शरीर पर बाल रखने के सन्दर्भ में अनेकों दृष्टिकोण
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     25-05-2020 10:00 AM


  • वांटाब्लैक (Vantablack) - इस ब्रह्माण्ड में मौजूद, काले से भी काला रंग
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     24-05-2020 10:50 AM


  • क्या है, ईद अल फ़ित्र से मिलने वाली सीख ?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     23-05-2020 11:15 AM


  • भारत में कितनों के पास खेती के लिए खुद की जमीन है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-05-2020 09:55 AM


  • लॉक डाउन के तहत काफी प्रचलित हो गया है रसोई बागवानी
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     21-05-2020 10:10 AM


  • क्या विकर्षक होते हैं, अत्यधिक प्रभावी रक्षक ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     20-05-2020 09:30 AM


  • कोरोनावायरस से लड़ने में यंत्र अधिगम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2020 09:30 AM


  • संग्रहालय के लिए क्यों महत्वपूर्ण होते हैं, संग्रहाध्यक्ष (curator)
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     18-05-2020 12:55 PM


  • विश्व की सबसे तीखी मिर्च है, भूत झोलकिया (Ghost Pepper)
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-05-2020 10:15 AM


  • इतिहास जानने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है, मिट्टी के बर्तन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     16-05-2020 09:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.